फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Garbage dumped in forests is causing forest fires

Almora News: जंगलों में फेंका जा रहा कूड़ा बन रहा वनाग्नि का कारण

Wed, 27 May 2026 09:01 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Wed, 27 May 2026 09:01 PM IST
विज्ञापन
Garbage dumped in forests is causing forest fires
रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत विकासखंड के पाली, गनियाद्योली, सौनी समेत कई गांवों में फैली गंदगी अब जंगलों के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू कचरे को जंगलों और सड़क किनारे फेंकने के बाद उसमें आग लगाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कूड़े में लगाई जा रही यही आग अब वनाग्नि की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है।
विज्ञापन

जंगलों में प्लास्टिक, रबर और अन्य ज्वलनशील कचरा जलाने से जहरीला धुआं फैल रहा है जिससे पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कई बार कूड़े की आग सूखी घास और जंगलों तक पहुंच जाती है, जिससे आग पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। पर्यावरण प्रेमी दीपक सिंह, सुरेंद्र सिंह, भास्कर पांडेय, अखिलेश आदि का कहना है कि गांवों में ठोस कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था नहीं होने से लोग जंगलों को ही डंपिंग जोन बना रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से जंगलों में कूड़ा फेंकने और जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा गांवों में नियमित कूड़ा निस्तारण व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
विज्ञापन

स्वच्छता अभियान के लिए ठोस रणनीति जरूरी

रानीखेत। स्वच्छता अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय गांवों में स्थायी कूड़ा प्रबंधन व्यवस्था लागू करना जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि प्लास्टिक एवं अन्य कचरे के निस्तारण के लिए प्रभावी योजना बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। प्रशासन और ग्रामीणों की संयुक्त भागीदारी से ही स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य सफल हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जंगल में कूड़े से होने वाले नुकसान
- जंगल की मिट्टी की उर्वरता कम होती है।
- वन्यजीवों का आवास प्रभावित होता है।
- प्राकृतिक जल स्रोत प्रदूषित हो सकते हैं।
- पर्यावरण में जहरीले तत्व बढ़ते हैं।
---------------------
कूड़ा जलाने से नुकसान:
- जहरीला धुआं वातावरण को प्रदूषित करता है।
- सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
- जंगल में आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है।
- वन्यजीवों और पशुओं के लिए खतरनाक होता है।
कोट
जंगलों में कूड़ा जलाने और बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं का सबसे अधिक असर पक्षियों और वन्यजीवों पर पड़ रहा है। धुएं और आग के कारण कई पक्षियों के घोंसले नष्ट हो रहे हैं, जबकि छोटे जीव-जंतु भी प्रभावित हो रहे हैं। - लोचन बिष्ट, पक्षी विशेषज्ञ रानीखेत ।

कोट-
जंगलों में कूड़ा फेंकना और जलाना गंभीर अपराध है जिससे वन्यजीवों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान होता है। ग्रामीणों से अपील है कि जंगलों में कूड़ा न फेंकें और पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरे को जलाने से भी बचें। - तापस मिश्रा, वन क्षेत्राधिकारी रानीखेत

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed