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नियमों को ताक पर रखकर रिजर्व फारेस्ट में बनाई सड़क
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 12 Oct 2015 11:35 PM IST
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जिले के भतरौंजखान के निकट मोहान रेंज में जमीन के धंधे से जुड़े लोगों पर नियमों को ताक पर रखकर रिजर्व फारेस्ट में सड़क बनाने का आरोप लगा है।
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ग्रामीणों के विरोध के बाद डीएफओ ने वन विभाग की टीम को जांच के लिए मौके पर भेजा है। इधर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार ने भू-माफियाओं को मनमानी करने की छूट दे दी है।
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उन्होंने कहा कि इन मामलों को भाजपा सड़क से लेकर विधानसभा तक जोरशोर से उठाकर सरकार को बेनकाब करेगी।
मोहान रेंज के अंतर्गत ग्राम रिंगड़िया और नूना क्षेत्र के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि जमीन का धंधा करने वाले लोगों ने ईको टूरिज्म के नाम पर जंगल के आसपास निर्माण शुरू कर दिया है।
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साथ ही इन धंधेबाजों ने रातों रात सड़क बना डाली है। इसके लिए कई पेड़ धराशायी कर दिए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने इस मामले में प्रशासन और वन विभाग के अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की, लेकिन कुछ नहीं किया गया। उनका आरोप है कि निर्माणकर्ताओं को उच्च स्तर तक संरक्षण प्राप्त है।
इधर नेता प्रतिपक्ष अजय भट्ट ने आरोप लगाया है कि एक तरफ ग्रामीणों की छोटी-छोटी सड़कें वन अधिनियम के कारण रुकी हैं, लेकिन दूसरी तरफ माफियाओं को खुली छूट दी गई है।
इस मामले में वन विभाग के अफसरों को निलंबित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा अब वन विभाग के अधिकारी मामूली जुर्माना आदि करके मामले को निपटा देंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने द्वारसौं के निकट भी करीब 350 नाली से अधिक सरकारी जमीन किसी कंपनी को लीज पर दे दी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि ग्रामीणों की सहमति के बिना औने पौने दामों में भूमि लीज पर देने से ग्रामीण जनता को क्या लाभ मिलने वाला है।
इधर अल्मोड़ा वन प्रभाग के डीएफओ एसआर प्रजापति ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीओ को जांच के लिए मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में वन विभाग की बटिया बनी थी।
उसी पर किसी व्यक्ति द्वारा कुछ खुदान आदि करने की बात सामने आई है। इस मामले में पहले भी एक व्यक्ति का चालान किया गया था। अब जांच रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।