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Almora News: कुमाऊं महोत्सव में बिना पंजीकरण ऊंटों की सवारी पर प्राथमिकी
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अल्मोड़ा। नगर के जीआईसी मैदान में चल रहे कुमाऊं महोत्सव में नियमों की अनदेखी और बिना पंजीकरण ऊंटों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने रामनगर के ढिकुली निवासी ऊंट संचालक शाहिद अंसारी के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने यह कार्रवाई पशु सुरक्षा सेवा समिति की सचिव कामिनी कश्यप की शिकायत पर की। वहीं दो ऊंटों को कब्जे में लेकर जयपुर रेस्क्यू सेंटर भेज दिया है।
कोतवाली दी तहरीर में कामिनी कश्यप ने बताया कि महोत्सव में बिना पंजीकरण के बच्चों और पर्यटकों को ऊंट की सवारी कराई जा रही है जो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन है। कामिनी ने बताया कि 22 जून को निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने पर संचालक ने 23 जून तक ऊंटों को वापस ले जाने का लिखित आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद सवारी जारी रही।
इसके बाद उन्होंने बीते शनिवार को कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में उत्तराखंड पशुपालन विभाग, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के निर्देशों और कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि ऊंट मरुस्थलीय जीव हैं और उत्तराखंड की पहाड़ जलवायु उनके लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में उनका व्यावसायिक उपयोग पशु कल्याण के दृष्टिकोण से उचित नहीं माना गया है।
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सीओ बलवंत रावत ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने ऊंट संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मौके से ऊंटों को जब्त कर उन्हें रेस्क्यू सेंटर जयपुर के लिए भेज दिया है।
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कोतवाली दी तहरीर में कामिनी कश्यप ने बताया कि महोत्सव में बिना पंजीकरण के बच्चों और पर्यटकों को ऊंट की सवारी कराई जा रही है जो पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत बनाए गए नियमों का उल्लंघन है। कामिनी ने बताया कि 22 जून को निरीक्षण के दौरान मामला सामने आने पर संचालक ने 23 जून तक ऊंटों को वापस ले जाने का लिखित आश्वासन दिया था लेकिन इसके बावजूद सवारी जारी रही।
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इसके बाद उन्होंने बीते शनिवार को कोतवाली में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। शिकायत में उत्तराखंड पशुपालन विभाग, उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के निर्देशों और कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि ऊंट मरुस्थलीय जीव हैं और उत्तराखंड की पहाड़ जलवायु उनके लिए अनुकूल नहीं है। ऐसे में उनका व्यावसायिक उपयोग पशु कल्याण के दृष्टिकोण से उचित नहीं माना गया है।
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सीओ बलवंत रावत ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने ऊंट संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। मौके से ऊंटों को जब्त कर उन्हें रेस्क्यू सेंटर जयपुर के लिए भेज दिया है।