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संस्कृति संरक्षण को मेले जरूरी : मदन
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 16 Apr 2016 10:58 PM IST
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मेले में कार्यक्रम प्रस्तुत करते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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पाली पछाऊं का पांच दिनी स्याल्दे बिखौती मेले का समापन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। मुख्य अतिथि विधायक मदन बिष्ट ने कहा कि संस्कृति के संरक्षण के लिए मेलों का आयोजन जरूरी है। झांकी प्रतियोगिता में अव्वल रहे विद्यालयों के प्रतिभागियों को उन्होंने अपनी ओर से सम्मानित किया।
स्याल्दे बिखौती का प्राचीन मेला शुक्रवार देर रात समाप्त हो गया। हल्द्वानी से आई गोविंद दिगारी, खुशी जोशी दिगारी एंड टीम ने घास काटुल ईजू, ऊंचा डानूं मां, सासु मेरि झुुरी रौली मन मनमां, म्यर द्योरा मोहना त्येरि केमुएं गाड़ी जैसे लोकगीतों के माध्यम से लोगों को झूमने पर विवश कर दिया। मेले के दौरान झांकी प्रतियोगिता में दूनागिरि माडर्न जूनियर हाईस्कूल प्रथम, राजकीय कन्या इंटर कालेज द्वाराहाट द्वितीय तथा एमडी तिवारी हाईस्कूल द्वाराहाट तीसरे स्थान पर रहे।
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मुख्य अतिथि विधायक मदन बिष्ट ने सभी विजेताओं को अपनी ओर से पुरस्कृत किया। सरस्वती शिशु मंदिर और विद्या मंदिर के बच्चों ने भी आकर्र्षक कार्यक्रम पेश किए। समापन अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्षा मेला कमेटी अध्यक्षा विमला शाह, कंचन शाह, भगवान चौधरी, जगत सिंह, नारायण रावत, अनिल चौधरी काकू, हिमांशु मैनाली आदि थे। संचालन विमल शाह और युगल शाह ने किया।
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