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उपस्थिति पंजिका और रिकार्ड लेकर वन संरक्षक कार्यालय पहुंचे कर्मचारी
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Mon, 26 Nov 2018 11:24 PM IST
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वन संरक्षक आईपी सिंह के साथ वार्ता करते वन विभाग के दोनों डिवीजनों के कर्मचारी।
- फोटो : अमर उजाला
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प्रभागीय वनाधिकारी के अधीन कार्य नहीं करने के निर्णय के बाद सिविल सोयम और अल्मोड़ा वन प्रभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने सोमवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार अपने प्रभागों में काम नहीं किया। दोंनो विभागों के रजिस्टर और रिकार्ड लेकर कर्मचारी वन संरक्षक उत्तरी कुमाऊं वृत कार्यालय पहुंचे और वहीं अपना कामकाज निपटाया। इस दौरान वन संरक्षक ने अधिकारियों, कर्मचारियों से अपने प्रभागों में जाने को कहा लेकिन कर्मचारियों ने कहा कि डीएफओ कर्मचारियों पर से अपना विश्वास खो चुके हैं और कर्मचारी उनकी कार्यशैली से परेशान हैं। वह लोग किसी भी दशा में उनके स्थानांतरण तक वन संरक्षक कार्यालय में ही उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
मालूम हो कि वन कर्मचारियों ने डीएफओ पंकज कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 20 नवंबर को आपात बैठक कर उनके अधीन काम नहीं करने का निर्णय लेते हुए 26 नवंबर से वन संरक्षक कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने की बात कही थी। जिसके बाद सोमवार को सभी कर्मचारी विभाग का रजिस्टर और रिकार्ड लेकर वन संरक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने दिन भर वहीं बैठकर कामकाज निपटाया। दोपहर के समय फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक महेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने बैठक की और डीएफओ पंकज कुमार पर कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए निंदा की। बैठक में सुरेश चंद्र जोशी, धनराज सिंह रौतेला, श्याम सिंह रावत, रमा पंत, श्वेता टम्टा, दिनेश चंद्र तिवारी, दिनेश दुर्गापाल, रणजीत जीना समेत कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। जिसमें श्याम सिंह रावत संयोजक, महेंद्र कुमार वर्मा, हरीश सिंह खर्कवाल, हरीश रौतेला, दिनेश दुर्गापाल, कृपाल राम, मनोज लोहनी, प्रताप गोस्वामी, बाग सिंह, रणजीत सिंह, मोहन सिंह, गोपाल दत्त भट्ट सह संयोजक बनाए गए।
दोनों पक्षों में वार्ता के प्रयास हुए विफल
अल्मोड़ा। इधर वन विभाग के कुमाऊं चीफ डॉ. विवेक पांडे के निर्देश के बाद डीएफओ पंकज कुमार सोमवार शाम को वन संरक्षक कार्यालय में फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता करने पहुंचे। वन संरक्षक आईपी सिंह की मौजूदगी में डीएफओ करीब आधा घंटा वहीं बैठे रहे, लेकिन बताया गया है कि एसोसिएशन के पदाधिकारी वार्ता के लिए नहीं पंहुचे। डीएफओ पंकज कुमार ने बताया कि वह 16 नवंबर से लगातार कर्मचारियों के साथ वार्ता करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वार्ता नहीं हो रही है। उन्होंने दोहराया कि कर्मचारी उनके परिवार के लोग हैं। वह आगे भी बातचीत करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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मालूम हो कि वन कर्मचारियों ने डीएफओ पंकज कुमार पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए 20 नवंबर को आपात बैठक कर उनके अधीन काम नहीं करने का निर्णय लेते हुए 26 नवंबर से वन संरक्षक कार्यालय में उपस्थिति दर्ज करने की बात कही थी। जिसके बाद सोमवार को सभी कर्मचारी विभाग का रजिस्टर और रिकार्ड लेकर वन संरक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने दिन भर वहीं बैठकर कामकाज निपटाया। दोपहर के समय फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक महेंद्र कुमार वर्मा की अध्यक्षता में कर्मचारियों ने बैठक की और डीएफओ पंकज कुमार पर कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए निंदा की। बैठक में सुरेश चंद्र जोशी, धनराज सिंह रौतेला, श्याम सिंह रावत, रमा पंत, श्वेता टम्टा, दिनेश चंद्र तिवारी, दिनेश दुर्गापाल, रणजीत जीना समेत कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर संघर्ष समिति का भी गठन किया गया। जिसमें श्याम सिंह रावत संयोजक, महेंद्र कुमार वर्मा, हरीश सिंह खर्कवाल, हरीश रौतेला, दिनेश दुर्गापाल, कृपाल राम, मनोज लोहनी, प्रताप गोस्वामी, बाग सिंह, रणजीत सिंह, मोहन सिंह, गोपाल दत्त भट्ट सह संयोजक बनाए गए।
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दोनों पक्षों में वार्ता के प्रयास हुए विफल
अल्मोड़ा। इधर वन विभाग के कुमाऊं चीफ डॉ. विवेक पांडे के निर्देश के बाद डीएफओ पंकज कुमार सोमवार शाम को वन संरक्षक कार्यालय में फारेस्ट मिनिस्टीरियल एसोसिएशन के पदाधिकारियों से वार्ता करने पहुंचे। वन संरक्षक आईपी सिंह की मौजूदगी में डीएफओ करीब आधा घंटा वहीं बैठे रहे, लेकिन बताया गया है कि एसोसिएशन के पदाधिकारी वार्ता के लिए नहीं पंहुचे। डीएफओ पंकज कुमार ने बताया कि वह 16 नवंबर से लगातार कर्मचारियों के साथ वार्ता करने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन वार्ता नहीं हो रही है। उन्होंने दोहराया कि कर्मचारी उनके परिवार के लोग हैं। वह आगे भी बातचीत करने का प्रयास करेंगे। इस दौरान काफी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।
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