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Almora News: जीआईसी सुनौली के छात्र-छात्राएं दूसरे स्कूल में जाकर पढ़ रहे हैं गणित
Sun, 22 Jun 2025 12:12 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sun, 22 Jun 2025 12:12 AM IST
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अल्मोड़ा। जीआईसी सुनौली में इंटर स्तर पर गणित विषय स्वीकृत नहीं हैं। इस कारण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को गणित विषय की पढ़ाई करने के लिए पांच से छह किमी दूर दूसरे स्कूल भकुना की दौड़ लगानी पड़ रही है।
सुनौली में संचालित जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2014 में उच्चीकरण कर इंटर कॉलेज की मान्यता दी गई। इंटर कॉलेज बनने के बाद अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को विद्यालय में बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद थी लेकिन 11 साल बाद भी स्कूल में इंटरमीडिएट में गणित विषय को स्वीकृति नहीं मिल पाई।
गणित विषय पढ़ने के इच्छुक छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में प्रवेश नहीं लेते हैं। उन्हें गणित की पढ़ाई के लिए पांच से छह किमी दूर अन्य स्कूलों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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इंटर की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के भवन में हो रहा है। सिर्फ छह कक्षा कक्षों में छह से 12 वीं तक की 11 कक्षाओं का संचालन करना स्कूल प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। पर्याप्त जगह न होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
इधर प्रभारी सीईओ अत्रेश सयाना ने बताया कि गणित विषय के संचालन की स्वीकृति शासन स्तर से मिलती है। भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा है। संवाद
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सुनौली में संचालित जूनियर हाईस्कूल को वर्ष 2014 में उच्चीकरण कर इंटर कॉलेज की मान्यता दी गई। इंटर कॉलेज बनने के बाद अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को विद्यालय में बेहतर शिक्षा मिलने की उम्मीद थी लेकिन 11 साल बाद भी स्कूल में इंटरमीडिएट में गणित विषय को स्वीकृति नहीं मिल पाई।
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गणित विषय पढ़ने के इच्छुक छात्र-छात्राएं इस विद्यालय में प्रवेश नहीं लेते हैं। उन्हें गणित की पढ़ाई के लिए पांच से छह किमी दूर अन्य स्कूलों के चक्कर काटने पड़ते हैं।
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इंटर की कक्षाओं का संचालन जूनियर हाईस्कूल के भवन में हो रहा है। सिर्फ छह कक्षा कक्षों में छह से 12 वीं तक की 11 कक्षाओं का संचालन करना स्कूल प्रबंधन के लिए चुनौती बना हुआ है। पर्याप्त जगह न होने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई भी बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है।
इधर प्रभारी सीईओ अत्रेश सयाना ने बताया कि गणित विषय के संचालन की स्वीकृति शासन स्तर से मिलती है। भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा है। संवाद