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कहीं उद्यान निदेशालय दून न हो जाए शिफ्ट!
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 12 Nov 2016 10:56 PM IST
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उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के हाल ही में हुए पुनर्गठन का राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने विरोध किया है। कहा कि पुनर्गठन में जिस तरह से निदेशालय को महत्व नहीं दिया गया है, उससे चौबटिया स्थित निदेशालय को परोक्ष रूप से देहरादून शिफ्ट करने की प्रबल आशंका है। वर्तमान में निदेशालय में श्रेणी एक में स्वीकृत पदों के सापेक्ष एक भी अधिकारी कार्यरत नहीं है। पर्वतीय किसानों के औद्यानिकी विकास के लिए 1953 में निदेशालय को यहां स्थापित किया गया था, लेकिन राज्य बनने के बाद नीति नियंताओं ने निदेशालय की पूरी तरह से उपेक्षा की है।
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निदेशक को भेजे ज्ञापन में कहा गया है कि पुनर्गठन ढांचे में विभागाध्यक्ष के साथ ही अपर निदेशक के दो पदों का सृजन किया गया है। एक पद निदेशालय में तो दूसरा पद पूरे कार्यालय स्टाफ सहित देहरादून में स्थापित कर दिया गया है। वर्तमान में निदेशालय में श्रेणी एक के स्वीकृत पदों के सापेक्ष एक भी अधिकारी कार्यरत नहीं है। अधिकांश अधिकारी देहरादून में संबद्ध किए गए हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि शासन परोक्ष रूप से निदेशालय के कार्यों को पूर्ण रूप से देहरादून से करने की योजना बना रहा है। अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक, सहायक निदेशक, विपणन अधिकारी, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी वर्ग दो सहित तमाम पद देहरादून स्थित अपर निदेशक कार्यालय के लिए सृजित किए गए हैं। यह निदेशालय की उपेक्षा को साफ जाहिर करता है। अध्यक्ष ध्रुव चंद्र सिंह रौतेला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में औद्यानिकी विकास के लिए अपर निदेशक देहरादून के पद को अधीनस्थ पदों सहित पूर्व की भांति निदेशालय चौबटिया में तैनात करने की अपील की गई है।
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