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Almora News: अल्मोड़ा में कुत्तों और बंदराें ने जीना किया मुहाल

Wed, 19 Apr 2023 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Wed, 19 Apr 2023 11:09 PM IST
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Dogs and monkeys made life difficult in Almora
अल्मोड़ा जिला अस्पताल में मरीज को एंटी रैबीज वैक्सीन लगाते स्वास्थ्य कर्मी।। संवाद
तीन महीने में 340 लोगों पर किया हमला, हिंसक हो रहे जानवरों से लोगों में दहशत
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हेमंत बिष्ट

अल्मोड़ा। नगर में कुत्ते और बंदरों के हमलों से लोग परेशान हैं। राह चलते लोगों पर कुत्ते और बंदर हमला कर रहे हैं। तीन महीने 340 लोग इनके हमले से घायल हो चुके हैं।



जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार इस बीच रैबीज की वैक्सीन लगाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। कुत्तों के हमले में घायल लोगों की संख्या 303 और बंदरों के हमले में घायल लोगों की संख्या 37 दर्ज की गई है। मार्च में ही इन जानवरों ने हमला कर सबसे अधिक 130 लोगों को घायल किया है। संवाद
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कुत्तों, बंदरों के बधियाकरण के लिए नहीं हैं डॉक्टर

अल्मोड़ा। नगर में लावारिस कुत्तों और बंदरों की आबादी लगातार बढ़ रही है। हर गली-मोहल्लों में कुत्ते तो हर घर की छत, बिजली के खंभों और पेड़ों पर बंदरों की मौजूदगी दिखती है। समय के साथ इनकी हिंसक प्रवृत्ति भी बढ़ रही है। इससे निपटने के किसी के पास उपाय नहीं है। इनके बधियाकरण की योजना तो बनाई जाती है लेकिन इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर न होने से यह योजना परवान नहीं चढ़ पा रही।
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पर्याप्त भोजन न मिलने से हो रहे हैं हिंसक



अल्मोड़ा। विशेषज्ञों के मुताबिक कुत्तों और बंदरों के हिंसक होने के पीछे उन्हें पर्याप्त भोजन न मिलना है। पूर्व में पालिका क्षेत्र अंतर्गत जगह-जगह बिखरे कूड़े में इन जानवरों को कुछ खाना मिलता था। सफाई व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ नगर में भूमिगत कूड़ेदान स्थापित हो गए हैं। ऐसे में इन्हें पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा और ये हिंसक हो रहे हैं।


कुत्तों और बंदरों के हमले में जिला अस्पताल पहुंचे लोगों की संख्या

माह कुत्तों के हमले में घायल बंदरों के हमले में घायल



जनवरी 96 05

फरवरी 89 20



मार्च 118 12

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कोट-इस बीच कुत्तों, बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ी हैं। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त है। विभाग तत्परता से पीड़ितों का उपचार कर रहा है।

डॉ. कुसुमलता, प्रभारी पीएमएस, जिला अस्पताल।



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कोट- कुत्तों और बंदरों के हमले की घटनाएं बढ़ना चिंताजनक है। इनसे निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाने होंगे। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज वैक्सीन पर्याप्त है। पर्याप्त भोजन न मिलना भी इनके हिंसक होने की बड़ी वजह है।



-डॉ. आरसी पंत, सीएमओ, अल्मोड़ा।


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