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सोमेश्वर के धौलरा, कांटली, रौल्याणा में तबाही का मंजर
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धौलरा गांव में मृत बकरी दिखाता पशुपालक।
- फोटो : ALMORA
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। मंगलवार रात हुई अतिवृष्टि से सोमेश्वर घाटी के धौलरा (टोटासिलिंग), कांटली, रौल्याणा में तबाही का मंजर है। इन गांवों की करीब 50 नाली से अधिक उपजाऊ भूमि मलबे से पट गई है। तबाही में 12 मवेशी मारे गए हैं। इन गांवों समेत लोद, भैसड़गांव में गेहूं की फसल समेत सब्जी आदि की उपज नष्ट हो गई है। कोसी नदी में बहे 35 वर्षीय नेपाली मजदूर का अब तक कोई पता नहीं लग सका है। आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस कर्मी सहित स्थानीय लोग कोसी नदी में बहे नेपाली मजदूर की तलाश में लगे हैं।
अल्मोड़ा से पहुंची आपदा प्रबंधन की टीम और पुलिस कर्मी, स्थानीय लोग और ग्राम प्रहरी कोसी नदी में बहे नेपाली मजदूर बीरू बहादुर (35) को सुबह से ही तलाश रहे हैं। थानाध्यक्ष रमेश बोहरा ने बताया कि नदी में बहे नेपाली मजदूर का फिलहाल कोई सुराग नहीं लग सका है। बीरू बहादुर के साथी ने बताया कि वह दोनों घूमने गए थे। इस बीच नदी में बाढ़ आ गई, जिसमें बीरू बह गया। आशंका जताई जा रही है कि लापता मजदूर नशे में था।
रात को क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि सबसे अधिक नुकसान धौलरा (टोटासिलिंग) गांव में हुआ है। धौलरा में 30 नाली उपजाऊ भूमि मलबे में पट गई है। किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। धौलरा के मदन राम पुत्र गुसाईं राम की गोशाला क्षतिग्रस्त होने से मलबे में दुधारू गाय, बची राम पुत्र उमेद राम की दुधारू गाय, दीप कुमार पुत्र मदन राम की बछिया, प्रेम राम पुत्र नंद राम का बैल बह गया है। कांटली गांव में भी काफी तबाही हुई है।
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फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही पनी राम पुत्र किशन राम की पांच बकरी, तारा राम पुत्र भवानी राम की दो बकरियां, तारा राम पुत्र किशन राम की एक बकरी भी मारी गई है। सोमेश्वर पशु अस्पताल से डॉ. ओपी आर्या टीम सहित धौलरा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मारे गए पशुओं का पोस्टमार्टम किया और दो घायल बछियों का उपचार किया। मलबे से बीस काश्तकारों की 30 नाली भूमि मलबे से पट गई है। तहसीलदार संजय कुमार कोहली, राजस्व उप निरीक्षक रवि मोहन बिष्ट, आनंद राम आर्य, मनोज गोस्वामी, प्रताप भाकुनी ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।
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अल्मोड़ा से पहुंची आपदा प्रबंधन की टीम और पुलिस कर्मी, स्थानीय लोग और ग्राम प्रहरी कोसी नदी में बहे नेपाली मजदूर बीरू बहादुर (35) को सुबह से ही तलाश रहे हैं। थानाध्यक्ष रमेश बोहरा ने बताया कि नदी में बहे नेपाली मजदूर का फिलहाल कोई सुराग नहीं लग सका है। बीरू बहादुर के साथी ने बताया कि वह दोनों घूमने गए थे। इस बीच नदी में बाढ़ आ गई, जिसमें बीरू बह गया। आशंका जताई जा रही है कि लापता मजदूर नशे में था।
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रात को क्षेत्र में भारी बारिश और ओलावृष्टि सबसे अधिक नुकसान धौलरा (टोटासिलिंग) गांव में हुआ है। धौलरा में 30 नाली उपजाऊ भूमि मलबे में पट गई है। किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। धौलरा के मदन राम पुत्र गुसाईं राम की गोशाला क्षतिग्रस्त होने से मलबे में दुधारू गाय, बची राम पुत्र उमेद राम की दुधारू गाय, दीप कुमार पुत्र मदन राम की बछिया, प्रेम राम पुत्र नंद राम का बैल बह गया है। कांटली गांव में भी काफी तबाही हुई है।
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फसलों को नुकसान पहुंचने के साथ ही पनी राम पुत्र किशन राम की पांच बकरी, तारा राम पुत्र भवानी राम की दो बकरियां, तारा राम पुत्र किशन राम की एक बकरी भी मारी गई है। सोमेश्वर पशु अस्पताल से डॉ. ओपी आर्या टीम सहित धौलरा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने मारे गए पशुओं का पोस्टमार्टम किया और दो घायल बछियों का उपचार किया। मलबे से बीस काश्तकारों की 30 नाली भूमि मलबे से पट गई है। तहसीलदार संजय कुमार कोहली, राजस्व उप निरीक्षक रवि मोहन बिष्ट, आनंद राम आर्य, मनोज गोस्वामी, प्रताप भाकुनी ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया।

सोमेश्वर घाटी के धौलरा गांव में मलबे से पटी उपजाऊ भूमि।- फोटो : ALMORA