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दो दो पेयजल योजनाओं के बावजूद क्षेत्र में नहीं हो पा रही आपूर्ति
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चिलियानौला में देर रात को हैंडपंप से पानी भरती महिलाएं। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। चिलियानौला सहित आसपास के क्षेत्रों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पाने से लोग परेशान हैं। पिछले कई दिनों से तिपौला पेयजल पंपिंग योजना का पानी नहीं मिल पा रहा है। गगास योजना से भी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति न होने से चिलियानौला में लोग देर रात तक हैंडपंपों से पानी भरने को मजबूर हैं।
बता दें कि ताड़ीखेत ब्लाक में गगास पेयजल पंपिंग योजना और तिपौला ग्राम समूह पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। पिछले कई दिनों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोग परेशान हैं। बारिश का मौसम है, योजना से एक या दो दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है, वह भी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। लोग पारंपरिक जल स्रोतों और हैंडपंपों पर निर्भर होकर रह गए हैं। बताया जा रहा है कि तिपौला पेयजल योजना के टैंकों के सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। दूसरी तरफ गगास योजना से 80 फीसदी पानी सैन्य क्षेत्र को दिया जाता है, शेष 20 प्रतिशत पानी से ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है। पानी की किल्लत से लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है दो दो योजनाओं के बावजूद लोगों की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि जल संस्थान पूरा बिल वसूल रहा है।
-तिपौला पेयजल योजना के टैंकों में सुधारीकरण का कार्य किया गया है। एक दो दिन में व्यवस्था सुचारु होगी। गगास योजना में कभी कभार बाढ़ आ जा रही है, फिर भी पर्याप्त पंपिंग जल संस्थान को की जा रही है।-पंकज कुमार, जेई जल निगम।
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-शुक्रवार को जल निगम की तरफ से पानी की पंपिंग हुई थी, जिसे वंचित क्षेत्रों में वितरण किया गया। बारी बारी से आपूर्ति के प्रयास चल रहे हैं। तिपौला योजना सुचारू होते ही आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।-संदीप कुमार जेई जल संस्थान।
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बता दें कि ताड़ीखेत ब्लाक में गगास पेयजल पंपिंग योजना और तिपौला ग्राम समूह पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति होती है। पिछले कई दिनों से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे लोग परेशान हैं। बारिश का मौसम है, योजना से एक या दो दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है, वह भी पर्याप्त नहीं मिल रहा है। लोग पारंपरिक जल स्रोतों और हैंडपंपों पर निर्भर होकर रह गए हैं। बताया जा रहा है कि तिपौला पेयजल योजना के टैंकों के सुधारीकरण का कार्य चल रहा है। दूसरी तरफ गगास योजना से 80 फीसदी पानी सैन्य क्षेत्र को दिया जाता है, शेष 20 प्रतिशत पानी से ग्रामीण क्षेत्रों में आपूर्ति की जाती है। पानी की किल्लत से लोगों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है दो दो योजनाओं के बावजूद लोगों की आपूर्ति नहीं हो रही है, जबकि जल संस्थान पूरा बिल वसूल रहा है।
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-तिपौला पेयजल योजना के टैंकों में सुधारीकरण का कार्य किया गया है। एक दो दिन में व्यवस्था सुचारु होगी। गगास योजना में कभी कभार बाढ़ आ जा रही है, फिर भी पर्याप्त पंपिंग जल संस्थान को की जा रही है।-पंकज कुमार, जेई जल निगम।
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-शुक्रवार को जल निगम की तरफ से पानी की पंपिंग हुई थी, जिसे वंचित क्षेत्रों में वितरण किया गया। बारी बारी से आपूर्ति के प्रयास चल रहे हैं। तिपौला योजना सुचारू होते ही आपूर्ति को बहाल किया जाएगा।-संदीप कुमार जेई जल संस्थान।