{"_id":"61253e2b8ebc3e79d53b2d9c","slug":"demand-of-forest-right-in-almora-almora-news-hld435604199","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनाधिकारों को लेकर दिया धरना, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनाधिकारों को लेकर दिया धरना, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
विज्ञापन
अल्मोड़ा के गांधी पार्क में धरना देते वनाधिकार आंदोलन से जुड़े लोग।
- फोटो : ALMORA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। उत्तराखंड प्रदेश को वनवासी प्रदेश घोषित करने समेत अन्य मांगों को लेकर वनाधिकार आंदोलन से जुड़े लोगों ने मंगलवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध जताया। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि जल, जंगल, जमीन से जनता के अधिकारों को छीना जा रहा है।
उन्होंने उत्तराखंड के युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरी में आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उत्तराखंड का पानी दिल्लीवासियों को मुफ्त दे सकती है तो उत्तराखंड सरकार को भी यहां के लोगों को मुफ्त पानी देना चाहिए। राज्य में प्रति परिवार 100 यूनिट बिजली फ्री दी जाए। उत्तराखंड में उगने वाली जड़ी बूटियों के दोहन का अधिकार स्थानीय समुदाय को दिया जाए।
जंगली जानवरों के हमले में व्यक्ति की मौत या दिव्यांग होने पर पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान पहुंचने पर तुरंत मुआवजा देने, तिलाड़ी कांड के शहीदों के सम्मान में 30 मई को वन अधिकार दिवस घोषित कर वन अधिकार नियम 2006 को उत्तराखंड में लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
कहा कि प्रदेश को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रीन बोनस दिया जाए। आशीर्वाद गोस्वामी, गोपाल भट्ट, सूरज वाणी, गोविंद, विनोद कुमार, राकेश, संदीप नयाल, विनोद सिंह आदि धरने पर बैठे।
विज्ञापन
उन्होंने उत्तराखंड के युवाओं को केंद्र सरकार की नौकरी में आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार उत्तराखंड का पानी दिल्लीवासियों को मुफ्त दे सकती है तो उत्तराखंड सरकार को भी यहां के लोगों को मुफ्त पानी देना चाहिए। राज्य में प्रति परिवार 100 यूनिट बिजली फ्री दी जाए। उत्तराखंड में उगने वाली जड़ी बूटियों के दोहन का अधिकार स्थानीय समुदाय को दिया जाए।
विज्ञापन
जंगली जानवरों के हमले में व्यक्ति की मौत या दिव्यांग होने पर पीड़ित परिवार को 25 लाख का मुआवजा दिया जाए। उन्होंने जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान पहुंचने पर तुरंत मुआवजा देने, तिलाड़ी कांड के शहीदों के सम्मान में 30 मई को वन अधिकार दिवस घोषित कर वन अधिकार नियम 2006 को उत्तराखंड में लागू करने की मांग की।
विज्ञापन
कहा कि प्रदेश को प्रतिवर्ष 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रीन बोनस दिया जाए। आशीर्वाद गोस्वामी, गोपाल भट्ट, सूरज वाणी, गोविंद, विनोद कुमार, राकेश, संदीप नयाल, विनोद सिंह आदि धरने पर बैठे।