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Almora News: बाजार में बढ़ी काफल की मांग, 400 रुपये किलो तक पहुंचा दाम
Thu, 21 May 2026 11:38 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 21 May 2026 11:38 PM IST
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला काफल इन दिनों बाजार में खूब बिक रहा है। अपने खास स्वाद और औषधीय गुणों के कारण यह फल लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। गर्मियां शुरू होते ही जंगलों में काफल के पेड़ फलों से लद गए हैं और ग्रामीण इसे एकत्र कर बाजार तक पहुंचा रहे हैं।
इस बार अल्मोड़ा बाजार में काफल की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ग्रामीण जंगलों में जाकर बड़ी मेहनत से पेड़ों से काफल तोड़ते हैं। इसे एकत्र करने में काफी समय और मेहनत लगती है। इसके बाद ग्रामीण इसे बाजार तक पहुंचाकर बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। लमगड़ा निवासी मोहन सिंह ने बताया कि वह जंगलों से काफल एकत्र कर बाजार में 300 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इससे उन्हें करीब एक-दो माह तक अच्छी आय हो जाती है। काफल लमगड़ा, जलना, हवालबाग, सितलाखेत, कटारमल, ताड़ीखेत और जागेश्वर समेत कई क्षेत्रों में हो रहा है। अप्रैल से बाजार में आने वाला काफल गर्मियों के शुरुआती मौसम तक ही उपलब्ध रहता है। यही कारण है कि लोग इसके समाप्त होने से पहले इसका स्वाद लेना पसंद करते हैं। वहीं माल रोड में काफल बेच रहे युवक बबलू ने बताया कि वह धारानौला से काफल खरीदकर बाजार में 400 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पांच से आठ किलो तक काफल की बिक्री हो रही है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
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इस बार अल्मोड़ा बाजार में काफल की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। ग्रामीण जंगलों में जाकर बड़ी मेहनत से पेड़ों से काफल तोड़ते हैं। इसे एकत्र करने में काफी समय और मेहनत लगती है। इसके बाद ग्रामीण इसे बाजार तक पहुंचाकर बेचते हैं, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है। लमगड़ा निवासी मोहन सिंह ने बताया कि वह जंगलों से काफल एकत्र कर बाजार में 300 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। इससे उन्हें करीब एक-दो माह तक अच्छी आय हो जाती है। काफल लमगड़ा, जलना, हवालबाग, सितलाखेत, कटारमल, ताड़ीखेत और जागेश्वर समेत कई क्षेत्रों में हो रहा है। अप्रैल से बाजार में आने वाला काफल गर्मियों के शुरुआती मौसम तक ही उपलब्ध रहता है। यही कारण है कि लोग इसके समाप्त होने से पहले इसका स्वाद लेना पसंद करते हैं। वहीं माल रोड में काफल बेच रहे युवक बबलू ने बताया कि वह धारानौला से काफल खरीदकर बाजार में 400 रुपये प्रति किलो बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन पांच से आठ किलो तक काफल की बिक्री हो रही है, जिससे उन्हें अच्छी आमदनी हो रही है।
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