कांग्रेस और भाजपा की इच्छाशक्ति पर भारी कोरोना महामारी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 11:28 PM IST
Corona epidemic heavy on the will of Congress and BJP
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अल्मोड़ा (यासिर खान)। कोरोना काल ने जन-जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है लेकिन इन सबके बीच स्वास्थ्य विभाग की सेहत काफी हद तक सुधर गई है। हालांकि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी अब भी समस्या है। यह कहना गलत नहीं होगा कि प्रदेश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में जो काम कांग्रेस राज के करीब 60 वर्ष और भाजपा राज के सात सालों में नहीं हुआ वह काम कोरोना काल के कुछ महीनों में ही हो गया। कोरोना की वजह से पर्वतीय जिलों के अस्पतालों में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट से लेकर वेंटिलेटर तक पहुंच गए।
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पहाड़ों के शांत और शुद्ध वातावरण में स्वस्थ जीवन जरूर है लेकिन हादसा या गंभीर बीमारी होने पर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव बरसों पुराना ऐसा दर्द है जो नासूर बन गया है। अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी, वेंटिलेटर का अभाव, ऑक्सीजन की कमी से लेकर अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं तक उपलब्ध कराने हर सरकार फेल साबित हुई। कांग्रेस करीब 60 वर्षों तक केंद्र और प्रदेश (अविभाजित यूपी) की गद्दी पर रही तो भाजपा को केंद्र में सात साल पूरे हो गए। उत्तराखंड के भी अलग हुए 20 वर्षों के दौरान बारी-बारी से भाजपा और कांग्रेस सत्ता में रहीं लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सेहत नहीं सुधरी। हालांकि पिछले साल 22 मार्च को जनता कर्फ्यू फिर लॉकडाउन लगने के दौरान पर्वतीय जिलों के साथ ही पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा हुआ। इसके पीछे कोरोना महामारी के डर के बीच मजबूत राजनीतिक इच्छा शक्ति दिखी। लोगों का कहना है कि जब कोरोना काल के दौरान यह सब हो सकता है तो बाकी क्षेत्रों में भी सत्ताधारी पार्टियों को मजबूत इच्छाशक्ति दिखानी चाहिए। इसके लिए महामारी, या मुसीबत का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए।

अल्मोड़ा में भी सुधरे हालात
अल्मोड़ा। जिले को पिछले साल पहली बार वेंटिलेटर मिले। वहीं ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को भी स्वीकृति मिली। जिले को अब तक कुल 47 वेंटिलेटर मिल चुके हैं। इसमें से कुछ स्थापित भी हो गए, हालांकि स्वास्थ्य कार्मिकों की कमी के बीच वेंटिलेटर संचालित नहीं हो सके हैं। लेकिन वेंटिलेटर मिलने से पहाड़ों में स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एक उपलब्धि है। वहीं कुमाऊं के पर्वतीय जिलों में अल्मोड़ा में सबसे पहले दो ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट भी शुरू हो चुके हैं।
कहां कितने हैं वेंटिलेटर
बेस अस्पताल - 34
जिला अस्पताल - 06
महिला अस्पताल- 02
रानीखेत अस्पताल- 05

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