विकास भवन में गंदगी
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अल्मोड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर देश में चलाए गए स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार के साथ ही जनता में भी जबरदस्त उत्साह था। गांधी जयंती के दिन दो अक्तूबर को सरकारी कार्यालयों में भी व्यापक अभियान चलाने के दावे किए गए। जन प्रतिनिधियों के साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथ में झाड़ू थामे फोटो भी छपते रहते हैं, पर हालत अब भी नहीं सुधरे हैं। विकास भवन परिसर के शौचालयों, पेयजल पोस्ट, कार्यालयों में प्रवेश करने वाली सीढ़िय़ों में पान और गुटके के शौकीनों द्वारा छोड़ी गईं पीकें सारे अभियान को शर्मशार कर रही हैं।
स्वच्छता अभियान को लेकर सरकारी स्तर पर जोर-शोर से अभियान चलाया गया। जनता ने भी उत्साह के साथ भागीदारी की लेकिन, कुछ दिन बाद ही अधिकारियों, कर्मचारियों और लोगों ने अभियान से किनारा कर लिया। विकास भवन में दर्जनों अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं। हर दिन जिले के अन्य क्षेत्रों से भी काफी लोग यहां पहुंचते हैं। लोगों की सुविधा के लिए विकास भवन के सभी तलों में शौचालयों, पेयजल स्टैंड पोस्ट लगाए गए हैं। सीडीओ कार्यालय के पास से लगे शौचालय के अलावा परिसर में अधिकांश कार्यालयों में स्थापित जन सुविधाएं बदतर हैं।
गंदगी से बजबजाते शौचालयों के भीतर जाना तो दूर दरवाजा खोल कर अंदर घुसना भी दूभर है। पेयजल पोस्ट पान, गुटके की पीकों से यह सने पड़े हैं। महीनों से सड़ रहे जमा पानी को देख कर समझ सकते हैं कि दीवार पर शुद्ध लिखा जरूर है, लेकिन पानी पीना तो दूर हाथ लगाना भी मुश्किल भरा है। प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय के पास बना शौचालय तो कार्यालयों का स्टोर रूम बना है। शौचालय के भीतर गत्ते की पेटियों, कबाड़ रखा है। शौचालयों के बाहर पड़ी गंदगी से लोगों का स्वागत किया जा रहा है। अन्य कार्यालय परिसरों को जाने वाले प्रवेश मार्ग की दीवारों में भी जम कर गंदगी उंड़ेली गई है।