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कारोबार दो करोड़ का, नफा-नुकसान जीरो
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Wed, 06 May 2015 11:41 PM IST
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दुग्ध संघ अल्मोड़ा की स्थिति ठीक नहीं है। कर्मचारियों को वेतन भी समय से नहीं मिल पा रहा है। इधर दुग्ध संघ अध्यक्ष के प्रयासों के बाद मुख्यमंत्री द्वारा एक करोड़ रुपए स्वीकृत करने से दुग्ध संघ की स्थिति सुधरने की उम्मीद है। दुग्ध संघ से प्रतिदिन 10200 लीटर दूध बेचा जा रहा है। दुग्ध संघ ने पनीर, दही, घी, छेना रबड़ी आदि दुग्ध पदार्थ भी बाजार में उतारे है।
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दुग्ध संघ अल्मोड़ा, बागेश्वर जिले में आंचल दूध की सप्लाई करता है। अल्मोड़ा जिले में 245, बागेश्वर जिले में 45 दुग्ध समितियों के माध्यम से प्रतिदिन 11500 लीटर दूध फैक्ट्री में पहुंचता है। इसमें से 10200 लीटर दूध दुग्ध संघ अल्मोड़ा, बागेश्वर जिले में बिक्री करता है। दुग्ध संघ के 48 नियमित, आउटसोर्सिंग से नियुक्त 60, मानदेय पर रखे गए 10 कर्मियों के वेतन पर प्रतिमाह करीब 20 लाख रुपए खर्च होते हैं।
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10 लाख रुपए फैक्ट्री, फ्यूल, डीजल, पैकिंग आदि का खर्च आता है। दुग्ध संघ के प्रधान प्रबंधक नंदाबल्लभ सनवाल ने बताया कि दुग्ध संघ समितियों के माध्यम से प्रतिमाह एक करोड़ रुपए का दूध खरीदता है और करीब इतनी ही धनराशि का दूध, पनीर, घी, छेना रबड़ी, दही आदि बिक्री करता है। उन्होंने बताया कि संस्था की आय बढ़ाने के लिए 14 हजार लीटर प्रतिदिन दूध बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। बीते दिनों दुग्ध संघ अध्यक्ष दीप डांगी के प्रयासों से मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। यह धनराशि मिलने के बाद दुग्ध संघ की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।
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1157 महिला समितियों में आता है 30 हजार लीटर दूध
उत्तराखंड महिला डेयरी विकास परियोजना के तहत राज्य के सभी जिलों में महिला दुग्ध समितियों का गठन किया जा रहा है। राज्य में 1157 महिला दुग्ध समितियां गठित की जा चुकी हैं। इन सभी दुग्ध समितियों में 40500 महिला सदस्य जुड़ी हैं। यह महिलाएं अपने भैंस, गाय के दूध इन समितियों में बेचती हैं। राज्य की सभी महिला दुग्ध समितियों में प्रतिदिन करीब 30 हजार लीटर दूध का उपार्जन होता है। कुमाऊं में चांदनीचौक कोटाबाग (जिला नैनीताल) की महिला दुग्ध समिति में मंडल में सर्वाधिक 450 लीटर प्रतिदिन दुग्ध उपार्जन होता है।
नौ को पहुंचेगी हाई लेवल टीम अल्मोड़ा
उत्तराखंड महिला डेरी विकास परियोजना के अपर निदेशक दीप प्रकाश बिष्ट ने बताया कि नेशनल डेरी डेवलपमेंट बोर्ड की उच्च स्तरीय टीम नौ मई को अल्मोड़ा पहुंचकर दुग्ध विकास को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाएगी। पांच सदस्यीय समिति के सुझाव सीधे मुख्यमंत्री को भेजे जाएंगे। इसके आधार पर दुग्ध विकास के लिए भावी योजना तय की जाएगी, ताकि राज्य में पशुपालन, दुग्ध विकास के लिए गुजरात की तर्ज पर काम हो सके।