द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। पौष का महीना बैसी के लिए जाना जाता है। इसमें साधक 22 दिन तक एक समय खाना और दो समय नहाकर मोह-माया से दूर रहकर साधना करते हैं। इसी क्रम में यहां कालिका मंदिर धूनी ऊंचाकोट में बैसी में बैठे तीन भक्त अखंड साधना कर रहे हैं। भगत राजू भट्ट, केवलानंद भट्ट और उमेश भट्ट को बैसी के 11वें दिन शुक्रवार को उत्तराखंड की काशी विभांडेश्वर मंदिर की सुरभि, नंदिनी और सरस्वती की त्रिवेणी पर स्नान कराया गया। ढोल, नगाड़े, निशानों के साथ कालिका मंदिर धूनी ऊंचाकोट से ढोल, नगाड़ों के साथ ग्रामीण बैसी में बैठे भक्तों को लेकर विमांडेश्वर पहुंचे। जहां स्नान के बाद पूजा, अर्चना कर जागर का भी आयोजन हुआ। बैसी में कैलाश भट्ट, महेश भट्ट, बाला दत्त भट्ट, गोपाल दत्त भट्ट, डीपी चौधरी, भुवन चौधरी सहित मातृशक्ति रंगीले परिधानों से सुसज्जित होकर नहान में पहुंची।