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Almora News: आशा कार्यकर्ता करेंगी सर्पदंश प्रभावित को अस्पताल पहुंचने में मदद

Sun, 22 Jun 2025 11:40 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Sun, 22 Jun 2025 11:40 PM IST
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Asha workers will help snakebite victims to reach the hospital
अल्मोड़ा। बरसात के मौसम में सांप के डसने की घटनाएं बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के सीएचसी, पीएचसी में आसानी से उपचार मिलेगा। राष्ट्रीय सर्पदंश कार्यक्रम के तहत चिकित्सक, आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। कोई भी मामला आने पर वह सर्पदंश प्रभावित को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने के साथ ही उसकी निगरानी भी करेंगे।
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हर साल मानसून के दौरान जिले में सर्पदंश की कई घटनाएं सामने आती हैं। समय पर इलाज न मिलने से कई लोगों को जान भी गंवानी पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए विभाग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में मांग के अनुसार एंटी-स्नेक वेनम भेजी जाती है। राष्ट्रीय सर्पदंश नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सकों, आशा कार्यकर्ताओं को सर्पदंश की रोकथाम और प्राथमिक उपचार संबंधी प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी सर्पदंश की घटना के समय शीघ्र उपचार दिलाना है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास 256 एंटी-स्नेक वेनम उपलब्ध है।
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जिले में सर्पदंश के आंकड़े
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में अब तक 64 सर्पदंश के मामले सामने आए हैं। इनमें से अप्रैल से जून के बीच अल्मोड़ा में पांच और देघाट में तीन मामले दर्ज किए गए। संवाद
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सर्पदंश के लक्षण

चिकित्सकों के अनुसार तेज दर्द, सूजन, बेहोशी या चक्कर आना, धुंधलापन, अत्यधिक पसीना, उल्टी या मिचली, सांस लेने में तकलीफ आदि लक्षण होते है।

सावधानी और बचाव के उपाय
डॉक्टरों का कहना है कि सांप के काटे वाले अंग को न मोड़ें, उस स्थान पर रस्सी या पट्टी को अधिक कसकर न बांधें, काटे गए स्थान को धारदार वस्तु से काटने या खून निकालने की कोशिश न करें, मरीज को तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में ले जाएं।

कोट

जिले के सीएचओ और पीएचसी में एंटी स्नेक वेनम टीके की डिमांड के अनुसार भेजी जाती है। बारिश के दिनों में सर्पदंश की अधिक घटनाएं घटित होती हैं। सांप के डसने पर मरीज को सबसे पहले अस्पताल लेकर जाना चाहिए। - डॉ. नवीन जोशी, सीएमओ अल्मोड़ा।
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