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अल्मोड़ा जिले को मिलेंगी पांच अतिरिक्त एंबुलेंस
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अल्मोड़ा। जिले में स्वास्थ्य विभाग को अब पांच अतिरिक्त एंबुलेंस मिल सकेंगी। जिन ब्लॉकों में एंबुलेंस नहीं हैं, वहां मरीजों को हायर सेंटर ले जाने में इससे काफी राहत मिलेगी। जिला मुख्यालय के लिए वैक्सीन वाहन और औषधि ट्रक भी उपलब्ध होंगे।
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को कई बार एंबुलेंस न होने से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। जिले के मात्र पांच ब्लॉक मुख्यालयों के स्वास्थ्य केंद्रों में ही एंबुलेंस की सुविधा है। अन्य ब्लॉकों में एंबुलेंस न होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेफर मरीजों को समय पर वाहन न मिल पाने से कई बार मरीज और तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब जिले में एंबुलेंस की कमी कुछ हद तक दूर होने की संभावना है। जिले को पांच नई एंबुलेंस मिल सकेंगीं। वहीं एक औषधि ट्रक और एक वैक्सीन वाहन भी मिलेंगे। जिन केंद्रों में एंबुलेंस नहीं हैं वहां एंबुलेंस उपलब्ध होने से मरीजों को इसका लाभ मिल पाएगा।
पांच ब्लॉकों में ही है अब तक एंबुलेंस
अल्मोड़ा। जिले के भैंसियाछाना, लमगड़ा, ताड़ीखेत, सल्ट, देघाट कुल पांच ब्लॉकों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं हैं। इससे गंभीर मरीजों को इन स्वास्थ्य केंद्रों से बड़े अस्पताल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभी मात्र द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, ताकुला, धौलादेवी ब्लॉकों में ही एंबुलेंस है। हालांकि हवालबाग ब्लॉक में भी एंबुलेंस नहीं है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय के अस्पतालों से वहां एंबुलेंस भेज दी जाती है।
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विभिन्न माध्यमों से मिलेगी एंबुलेंस
अल्मोड़ा। जिला खनिज फाउंडेशन की ओर से जिले में एक वैक्सीन वाहन, एक औषधि ट्रक और एक एंबुलेंस के लिए 45 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, जबकि सांसद निधि से दो एंबुलेंस से 30 लाख और जिला योजना से भी दो एंबुलेंस के लिए 30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग को कुल पांच एंबुलेंस मिलेगी। संवाद
जिले में पांच एंबुलेंस के लिए धन की स्वीकृति मिल चुकी है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्द ही एंबुलेंस मिल जाएगी। जिन सीएचसी, पीएचसी केंद्रों में एंबुलेंस नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ अल्मोड़ा।
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जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मरीजों को कई बार एंबुलेंस न होने से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता। जिले के मात्र पांच ब्लॉक मुख्यालयों के स्वास्थ्य केंद्रों में ही एंबुलेंस की सुविधा है। अन्य ब्लॉकों में एंबुलेंस न होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रेफर मरीजों को समय पर वाहन न मिल पाने से कई बार मरीज और तीमारदारों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन अब जिले में एंबुलेंस की कमी कुछ हद तक दूर होने की संभावना है। जिले को पांच नई एंबुलेंस मिल सकेंगीं। वहीं एक औषधि ट्रक और एक वैक्सीन वाहन भी मिलेंगे। जिन केंद्रों में एंबुलेंस नहीं हैं वहां एंबुलेंस उपलब्ध होने से मरीजों को इसका लाभ मिल पाएगा।
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पांच ब्लॉकों में ही है अब तक एंबुलेंस
अल्मोड़ा। जिले के भैंसियाछाना, लमगड़ा, ताड़ीखेत, सल्ट, देघाट कुल पांच ब्लॉकों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं हैं। इससे गंभीर मरीजों को इन स्वास्थ्य केंद्रों से बड़े अस्पताल पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अभी मात्र द्वाराहाट, चौखुटिया, भिकियासैंण, ताकुला, धौलादेवी ब्लॉकों में ही एंबुलेंस है। हालांकि हवालबाग ब्लॉक में भी एंबुलेंस नहीं है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय के अस्पतालों से वहां एंबुलेंस भेज दी जाती है।
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विभिन्न माध्यमों से मिलेगी एंबुलेंस
अल्मोड़ा। जिला खनिज फाउंडेशन की ओर से जिले में एक वैक्सीन वाहन, एक औषधि ट्रक और एक एंबुलेंस के लिए 45 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है, जबकि सांसद निधि से दो एंबुलेंस से 30 लाख और जिला योजना से भी दो एंबुलेंस के लिए 30 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग को कुल पांच एंबुलेंस मिलेगी। संवाद
जिले में पांच एंबुलेंस के लिए धन की स्वीकृति मिल चुकी है, टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। जल्द ही एंबुलेंस मिल जाएगी। जिन सीएचसी, पीएचसी केंद्रों में एंबुलेंस नहीं है, उन्हें प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
-डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ अल्मोड़ा।