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Almora News: बगैर स्त्री रोग विशेषज्ञ के संचालित हो रहे अल्मोड़ा के नौ सीएचसी
Thu, 28 Aug 2025 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 28 Aug 2025 12:05 AM IST
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अल्मोड़ा। जिले के नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में लंबे समय से स्त्री रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं हो पाई है, इससे गर्भवती और प्रस्तुति को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल, बेस अस्पताल सहित महानगरों की दौड़ लगानी पड़ रही है।
स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने के दावे करता रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले के किसी भी सीएचसी में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इससे गर्भवती और प्रस्तुति को सामान्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
कई बार समय पर इलाज न मिल पाने पर जान का भी खतरा बना रहता हैं। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना और जननी एवं बाल सुरक्षा योजना जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, इनका उद्देश्य मातृ - शिशु समुचित देखभाल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी इन योजनाओं के प्रभाव को सीमित कर रही है।
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एक साल में 315 गर्भवती महिलाएं हायर सेंटर रेफर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के सीएचसी से पिछले एक साल में 315 सहित अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित है। संवाद
कोट
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। खाली पदों को भरने के लिए समय-समय पर शासन को पत्र भेजे जाते हैं। - डॉ. नवीन तिवारी, सीएमओ अल्मोड़ा।
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स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर किए जाने के दावे करता रहा है लेकिन हकीकत कुछ और ही है। जिले के किसी भी सीएचसी में एक भी स्त्री रोग विशेषज्ञ तैनात नहीं है। इससे गर्भवती और प्रस्तुति को सामान्य जांच के लिए भी कई किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है।
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कई बार समय पर इलाज न मिल पाने पर जान का भी खतरा बना रहता हैं। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना और जननी एवं बाल सुरक्षा योजना जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं, इनका उद्देश्य मातृ - शिशु समुचित देखभाल और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी इन योजनाओं के प्रभाव को सीमित कर रही है।
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एक साल में 315 गर्भवती महिलाएं हायर सेंटर रेफर
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले के सीएचसी से पिछले एक साल में 315 सहित अधिक गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। यह दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित है। संवाद
कोट
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी बनी हुई है। खाली पदों को भरने के लिए समय-समय पर शासन को पत्र भेजे जाते हैं। - डॉ. नवीन तिवारी, सीएमओ अल्मोड़ा।