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अल्मोड़ा में 41 नौले खराब स्थिति में
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Fri, 23 Sep 2016 11:58 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला प्रशासन द्वारा प्राकृतिक जल स्रोत नौलों के जीर्णोद्धार के लिए गठित कमेटी ने सर्वे कर शहर के 41 नौलों को जीर्णशीर्ण हैं। जिनके जीर्णोद्धार की जरूरत है। प्रथम चरण में चार नौलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। जिनमें पानी रिचार्ज होने की संभावना है।
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डीएम सविन बंसल ने नौलों के सुधारीकरण के लिए पूर्व में विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (वीपीकेएस) के वैज्ञानिकों, जल संस्थान, जल निगम के अधिकारियों की कमेटी गठित की थी। कमेटी ने डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। इस बारे में डीएम ने वीपीकेएस में शुक्रवार को बैठक ली।
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उन्होंने कहा कि जल संचय और संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए पारंपरिक नौलों धारों के संरक्षण को प्राथमिकता देनी होगी। उन्होंने बताया कि कमेटी ने 41 नौलों का सर्वे किया। जिसमें से प्रथम चरण में पातालदेवी, तुलारामेश्वर, बल्ढोटी, रामदेही नौलों का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
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डीएम ने एसई जल संस्थान को निर्देश दिए कि वह वीपीकेएस के वैज्ञानिकों, भूमि जल संरक्षण वैज्ञानिकों से तालमेल बनाकर एक पखवाड़े में नौलों के पानी का परीक्षण करवाएं। ताकि बजट प्रावधान कर नौलों को संरक्षित किया जा सके। जल संस्थान से कहा कि जिन नौलों का पानी लोग उपयोग में ला रहे हैं।
वहां पानी उबालकर या ब्लीचिंग पाउडर डालकर उपयोग करने का सूचना बोर्ड लगाएं। पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी ने प्रशासन के कदम को प्रेरणादायक बताया। वीपीकेएस के निदेशक डॉ. ए. पटनायक ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान डॉ. जेके बिष्ट, एसई जल संस्थान डीके मिश्रा, डॉ. पीके मिश्रा, सीवी पाल, ईई जल संस्थान नंदकिशोर, जल निगम के ईई नेबु लाल, ईओ पालिका एके वर्मा आदि थे।