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Almora News: एक साल की सुस्ती के बाद शुरू हुआ कूड़ा निस्तारण का काम
Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Wed, 09 Apr 2025 12:21 AM IST
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स्याल्दे (अल्मोड़ा)। एक साल की सुस्ती के बाद स्याल्दे क्षेत्र में अब कूड़ा निस्तारण की कार्यवाही शुरू हो गई है। साथ ही प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई ने भी कार्य आरंभ कर दिया है।
अमर उजाला ने 12 मार्च के अंक में इस मामले पर खटाई में पड़ी खटलगांव की प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मामले में कार्यवाही शुरू हुई है।
अब कूड़ा वाहन और प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई का संचालन शुरू कर दिया गया है। क्षेत्र में कूड़ा उठान और उसके निस्तारण की प्रक्रिया चल पड़ी है।
सोमवार से ब्लाक मुख्यालय पर खड़ी कूड़ा गाड़ी सड़क पर घूमने लगी है। उल्लेखनीय है कि स्याल्दे बाजार से सटी ग्रामसभा खटलगांव में स्वजल ने 12 लाख रुपये की लागत से प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई का निर्माण किया गया था।
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जो एक साल से शो-पीस बनी थी। इसका संचालन जिला पंचायत को करना था। शुरुआत में इसे एक-दो बार यह चला, मगर इसके बाद इकाई बंद चल रही थी। इसकी सुध नहीं ली जा रही थी।
इसके अलावा कूड़ा वाहन भी उपलब्ध है, लेकिन स्याल्दे समेत ब्लाक के देघाट, वल्मरा, भाकुड़ा, सराईखेत, महरोली और जौरासी आदि क्षेत्रों से कूड़ा भी नहीं उठाया जा रहा था, जिससे कूड़ा वाहन भी ब्लाक मुख्यालय पर शो-पीस की तरह खड़ा था।
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अमर उजाला ने 12 मार्च के अंक में इस मामले पर खटाई में पड़ी खटलगांव की प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई शीर्षक से एक खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद मामले में कार्यवाही शुरू हुई है।
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अब कूड़ा वाहन और प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई का संचालन शुरू कर दिया गया है। क्षेत्र में कूड़ा उठान और उसके निस्तारण की प्रक्रिया चल पड़ी है।
सोमवार से ब्लाक मुख्यालय पर खड़ी कूड़ा गाड़ी सड़क पर घूमने लगी है। उल्लेखनीय है कि स्याल्दे बाजार से सटी ग्रामसभा खटलगांव में स्वजल ने 12 लाख रुपये की लागत से प्लास्टिक आधारित प्रबंधन इकाई का निर्माण किया गया था।
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जो एक साल से शो-पीस बनी थी। इसका संचालन जिला पंचायत को करना था। शुरुआत में इसे एक-दो बार यह चला, मगर इसके बाद इकाई बंद चल रही थी। इसकी सुध नहीं ली जा रही थी।
इसके अलावा कूड़ा वाहन भी उपलब्ध है, लेकिन स्याल्दे समेत ब्लाक के देघाट, वल्मरा, भाकुड़ा, सराईखेत, महरोली और जौरासी आदि क्षेत्रों से कूड़ा भी नहीं उठाया जा रहा था, जिससे कूड़ा वाहन भी ब्लाक मुख्यालय पर शो-पीस की तरह खड़ा था।