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एडीएम समेत 25 अधिकारियों को दो घंटे बंधक बनाया 

Fri, 21 Jul 2017 10:40 PM IST
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत
अल्मोड़ा़, अमर उजाला ब्यूरो रानीखेत Updated Fri, 21 Jul 2017 10:40 PM IST
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25 officers, including ADM, made hostage for two hours
वार्ता - फोटो : अमर उजाला

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चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। बातचीत के लिए पहुंचे एडीएम केएस टोलिया से चली लंबी वार्ता के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकलने से गुस्साए आंदोलनकारियों ने शाम करीब 6:30 बजे एडीएम, एसडीएम सहित करीब 25 प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नगर पंचायत सभागार में बंधक बना लिया। इनमें पांच महिला जनप्रतिनिधि भी शामिल थीं। करीब 25 आंदोलनकारी खुद भी सभागार में कैद हो गए। बवाल की आशंका के मद्देनजर वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया। देर रात करीब 8:15 बजे एडीएम के लिखित आश्वासन पर आंदोलनकारियों ने अधिकारियों को छोड़ा। 

मालूम हो कि चिन्हीकरण की मांग को लेकर राज्य आंदोलनकारी 19 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने 21 जुलाई को मौके पर पहुंचकर सार्थक समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन जिलाधिकारी नहीं पहुंचे। उन्होंने एडीएम केएस टोलिया को वहां भेजा। एडीएम अपराह्न तीन बजे मौके पर पहुंचे। वहां पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी के नेतृत्व में आंदोलनकारियों से लंबी वार्ता हुई। एडीएम ने चिन्हीकरण को लेकर कुछ और समय मांगा, इससे आंदोलनकारी भड़क उठे। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के साथ छह बैठकें हो चुकी हैं।
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चिन्हीकरण को लेकर तीन-तीन उपजिलाधिकारियों ने संस्तुति दी है, इसके बाद भी प्रशासन उन्हें गुमराह कर रहा है। गुस्साए आंदोलनकारियों ने शाम करीब 6:30 बजे एडीएम, एसडीएम सहित करीब 25 प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को नगर पंचायत सभागार में बंधक बना लिया। इसके अलावा करीब 25 राज्य आंदोलनकारी भी सभागार में खुद को कैद किए हुए हैं। देर रात करीब 8:15 बजे सभागार के भीतर ही एडीएम एके टोलिया ने राज्य आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया कि शुक्रवार से 16 दिनों के भीतर चिन्हीकरण के मामले को निस्तारित कर दिया जाएगा। इस पर राज्य आंदोलनकारी मान गए। बाद में टोलिया ने आमरण अनशन पर बैठे कुंदन राम को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। 
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