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इस साल फायर सीजन में अल्मोड़ा में 402 हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर खाक
Updated Fri, 25 May 2018 11:40 PM IST
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अल्मोड़ा। फायर सीजन शुरू होने से पहले वन विभाग ने जंगलों को आग से बचाने के कई दावे किए लेकिन हकीकत में दावे खोखले निकले। इस साल तीन माह के फायर सीजन के दौरान जिले मेें जंगलों में आग लगने के 166 मामले सामने आ चुके हैं। इस दौरान करीब 402 हेक्टेयर वन क्षेत्र आग से प्रभावित हुआ है। इससे विभाग को साढ़े छह लाख रुपये की चपत लगी इसके बावजूद वन विभाग ने कोई मुकदमा, गिरफ्तारी नहीं की है।
इस बार जंगलों में आग लगने की घटनाएं वैसे जाडे़ में ही शुरू हो गई थी। एहतियात के तौर पर तब वन विभाग ने कई दावे किए थे। इसके तहत जिले में बने 29 क्रू स्टेशनों में कर्मचारियों को तैनात किया गया था। फायर सीजन के दौरान 115 फायर वॉचर भी तैनात कर दिए थे। वनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने में राजस्व कर्मचारियों, वन पंचायतों को सहयोग करने को कहा गया था। आग की घटनाओं को रोकने, आम लोगों को जागरूक करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने कई जगह वनाग्नि गोष्ठियों का आयोजन भी किया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी वन विभाग आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं ला पाया। 15 फरवरी से अपडेट आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा वन प्रभाग में आग लगने की सबसे ज्यादा 106 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें वन प्रभाग का 251.30 हेक्टेयर प्रभावित हो चुका है। विभाग को 3.43 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। सिविल सोयम प्रभाग में भी आग लगने की 60 घटनाएं हो चुकी हैं। 151.56 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। यहां भी वन विभाग को 3.26 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन इन घटनाओं में किसी के खिलाफ भी आग लगाने का मुकदमा तक दर्ज नहीं हुआ है।
जंगल में आग के 166 मामलों में विभाग को साढ़े छह लाख की चपत
वन विभाग की तैयारी नाकाफी, हकीकत से काफी दूर रहेे दावे
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इस बार जंगलों में आग लगने की घटनाएं वैसे जाडे़ में ही शुरू हो गई थी। एहतियात के तौर पर तब वन विभाग ने कई दावे किए थे। इसके तहत जिले में बने 29 क्रू स्टेशनों में कर्मचारियों को तैनात किया गया था। फायर सीजन के दौरान 115 फायर वॉचर भी तैनात कर दिए थे। वनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने में राजस्व कर्मचारियों, वन पंचायतों को सहयोग करने को कहा गया था। आग की घटनाओं को रोकने, आम लोगों को जागरूक करने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने कई जगह वनाग्नि गोष्ठियों का आयोजन भी किया था, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी वन विभाग आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं ला पाया। 15 फरवरी से अपडेट आंकड़ों के अनुसार अल्मोड़ा वन प्रभाग में आग लगने की सबसे ज्यादा 106 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें वन प्रभाग का 251.30 हेक्टेयर प्रभावित हो चुका है। विभाग को 3.43 लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। सिविल सोयम प्रभाग में भी आग लगने की 60 घटनाएं हो चुकी हैं। 151.56 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। यहां भी वन विभाग को 3.26 लाख रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन इन घटनाओं में किसी के खिलाफ भी आग लगाने का मुकदमा तक दर्ज नहीं हुआ है।
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जंगल में आग के 166 मामलों में विभाग को साढ़े छह लाख की चपत
वन विभाग की तैयारी नाकाफी, हकीकत से काफी दूर रहेे दावे