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जिले में प्रवक्ताओं और एलटी शिक्षकों के 853 पद रिक्त
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अल्मोड़ा। नया शिक्षा सत्र शुरू हुए दो माह होने को हैं, लेकिन राजकीय इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में सृजित शिक्षकों के 3049 पदों में से 853 पद खाली हैं। इनमें गणित, विज्ञान, रसायन, भौतिक विज्ञान, अंग्रेजी शिक्षकों के पद भी शामिल हैं, लेकिन सरकार द्वारा रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं किए जाने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जिले में 83 हाईस्कूल और 145 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 1333 पद सृजित हैं। इनमें से 699 पद भरे हुए हैं, जबकि 634 पद खाली हैं, जबकि इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में एलटी शिक्षकों के 1716 पद सृजित हैं। इनमें से 219 पद खाली हैं, 1497 पदों पर शिक्षक तैनात हैं। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चालू शिक्षा सत्र में भी प्रभावित चल रही है।
145 राजकीय इंटर कॉलेजों में से मात्र 55 में ही प्रधानाचार्य तैनात हैं। शेष 90 विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। यही हालत राजकीय हाईस्कूलों की भी है। 83 राजकीय हाईस्कूलों में से 27 में प्रधानाध्यापक हैं, जबकि 56 हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन हैं। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पदों पर तैनाती की मांग को लेकर संबंधित क्षेत्रों के लोग समय-समय पर आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिससे लोगों में रोष है।
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जिले में 83 हाईस्कूल और 145 राजकीय इंटर कॉलेज हैं। राजकीय इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 1333 पद सृजित हैं। इनमें से 699 पद भरे हुए हैं, जबकि 634 पद खाली हैं, जबकि इंटर कॉलेजों और हाईस्कूलों में एलटी शिक्षकों के 1716 पद सृजित हैं। इनमें से 219 पद खाली हैं, 1497 पदों पर शिक्षक तैनात हैं। महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई चालू शिक्षा सत्र में भी प्रभावित चल रही है।
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145 राजकीय इंटर कॉलेजों में से मात्र 55 में ही प्रधानाचार्य तैनात हैं। शेष 90 विद्यालयों में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं। यही हालत राजकीय हाईस्कूलों की भी है। 83 राजकीय हाईस्कूलों में से 27 में प्रधानाध्यापक हैं, जबकि 56 हाईस्कूल प्रधानाध्यापक विहीन हैं। शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के पदों पर तैनाती की मांग को लेकर संबंधित क्षेत्रों के लोग समय-समय पर आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सरकार इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। जिससे लोगों में रोष है।
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