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धूप में घंटों भूखे प्यासे खड़े रहे ईटीपीबी मतगणना कार्मिक
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अल्मोड़ा। इस बार लोकसभा चुनाव में सेना और अर्द्ध सैनिक बलों के जवानों के लिए वोट डालने को ईटीपीबी (इलेक्ट्रानिकली ट्रांसमिटेड पोस्टल बैलेट) की नई व्यवस्था की गई थी। संसदीय सीट पर कुल 20,190 ईटीपीबी मत प्राप्त हुए थे। जिनकी गिनती से पहले हर लिफाफे के बाहर से लेकर भीतर अलग-अलग प्रपत्रों के चार कोडों की अलग-अलग स्कैनिंग की जानी थी, लेकिन चुनाव आयोग के सर्वर के काम नहीं करने से शाम करीब तीन बजे तक स्कैनिंग का काम नहीं हो सका। जबकि ईटीपीबी मतों की गणना के लिए करीब 230 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
इन कर्मचारियों को दोपहर बारह बजे मतगणना परिसर में पहुंचने को लेकर पत्र जारी किया गया था। यह कार्मिक निर्धारित समय पर मतगणना स्थल के पास गेट में पहुंच गए थे, लेकिन सर्वर में खराबी के चलते ईटीपीबी लिफाफों और प्रपत्रों की स्कैनिंग नहीं हुई थी। जिसके चलते तेज धूप में घंटों यह कर्मचारी रोड में टहलते रहे। कई कर्मचारी पहाड़ी पर चीड़ के पेड़ों की छाया में बैठे थे। इन्हें भोजन तो छोड़िए पानी तक नसीब नहीं हुआ। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। करीब तीन घंटे बाद ईटीपीबी मतों की गिनती के लिए उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति मिली।
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इन कर्मचारियों को दोपहर बारह बजे मतगणना परिसर में पहुंचने को लेकर पत्र जारी किया गया था। यह कार्मिक निर्धारित समय पर मतगणना स्थल के पास गेट में पहुंच गए थे, लेकिन सर्वर में खराबी के चलते ईटीपीबी लिफाफों और प्रपत्रों की स्कैनिंग नहीं हुई थी। जिसके चलते तेज धूप में घंटों यह कर्मचारी रोड में टहलते रहे। कई कर्मचारी पहाड़ी पर चीड़ के पेड़ों की छाया में बैठे थे। इन्हें भोजन तो छोड़िए पानी तक नसीब नहीं हुआ। जिससे कर्मचारियों में नाराजगी देखी गई। करीब तीन घंटे बाद ईटीपीबी मतों की गिनती के लिए उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति मिली।
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