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जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण समाप्त करने की मांग
Updated Fri, 25 May 2018 12:00 AM IST
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अल्मोड़ा। सर्वदलीय संघर्ष समिति ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री और सचिव शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन भेजे। इनमें जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (डीडीए) को समाप्त करने की मांग की गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण सरकार की हठधर्मिता, तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शा रहा है। एक ओर भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए लोगों को प्राधिकरण कार्यालय, संबंधित अधिकारियों के कई कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, वहीं उनसे भारी भरकम शुल्क भी वसूला जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि वह लोग प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर पिछले तीन माह से आंदोलित हैं, क्योंकि प्राधिकरण लागू होने से जिले के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण द्वारा लिया जा रहा शुल्क नगर पालिका के निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक है। ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में प्रदेश सरकार द्वारा 70 प्रतिशत शुल्क कम करने की घोषणा भी की गई थी लेकिन घोषणा का कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि डीडीए बोर्ड की ओर से भी कोई अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया और बोर्ड की बैठक भी नहीं बुलाई गई। सर्वदलीय संघर्ष समिति सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से डीडीए को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग कर आंदोलन की भी चेतावनी दी। इनमें सर्वदलीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, यूसुफ तिवारी, आनंद बगडवाल, सीके जोशी, अशोक पांडे, जगदीश पांडे, सरिता टम्टा, अख्तर हुसैन, रोहित कार्की, कुंदन लटवाल, मनोज सनवाल, पीसी तिवारी, पूरन तिवारी, आनंद सिंह ऐरी, प्रताप सिंह सत्याल, पुष्पा सती, अनीता रावत, जगदीश तिवारी, गौरव वर्मा, लक्ष्मण ऐठानी, केवल सती, कवींद्र पंत, वैभव जोशी आदि शामिल रहे।
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उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरण सरकार की हठधर्मिता, तानाशाही प्रवृत्ति को दर्शा रहा है। एक ओर भवन मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए लोगों को प्राधिकरण कार्यालय, संबंधित अधिकारियों के कई कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, वहीं उनसे भारी भरकम शुल्क भी वसूला जा रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि वह लोग प्राधिकरण को समाप्त करने की मांग को लेकर पिछले तीन माह से आंदोलित हैं, क्योंकि प्राधिकरण लागू होने से जिले के नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्राधिकरण द्वारा लिया जा रहा शुल्क नगर पालिका के निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक है। ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में प्रदेश सरकार द्वारा 70 प्रतिशत शुल्क कम करने की घोषणा भी की गई थी लेकिन घोषणा का कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि डीडीए बोर्ड की ओर से भी कोई अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया और बोर्ड की बैठक भी नहीं बुलाई गई। सर्वदलीय संघर्ष समिति सदस्यों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से डीडीए को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग कर आंदोलन की भी चेतावनी दी। इनमें सर्वदलीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, राजीव कर्नाटक, दीपांशु पांडे, यूसुफ तिवारी, आनंद बगडवाल, सीके जोशी, अशोक पांडे, जगदीश पांडे, सरिता टम्टा, अख्तर हुसैन, रोहित कार्की, कुंदन लटवाल, मनोज सनवाल, पीसी तिवारी, पूरन तिवारी, आनंद सिंह ऐरी, प्रताप सिंह सत्याल, पुष्पा सती, अनीता रावत, जगदीश तिवारी, गौरव वर्मा, लक्ष्मण ऐठानी, केवल सती, कवींद्र पंत, वैभव जोशी आदि शामिल रहे।
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