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जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया
Updated Mon, 11 Dec 2017 11:06 PM IST
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अल्मोड़ा। जागेश्वर क्षेत्र के लोगों ने डीएम को ज्ञापन देकर जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
ज्ञापन में बताया कि हाइकोर्ट ने जागेश्वर धाम में पूजा व्यवस्था और आय व्यय को पारदर्शी बनाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति का गठन करवाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली समिति के कार्यकाल में खासतौर पर पूजा काउंटर में काफी भ्रष्टाचार हुआ। मिलीभगत के कारण कई पुजारी सीधे तौर पर आए नए भक्तों की पूजा कराने से वंचित रह जाते थे।
बताया कि राज्यपाल की ओर से नई समिति के पदाधिकारियों का चयन कर लिया गया है। इसके बावजूद इसके काउंटर की स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहे हैं।
पूजा व्यवस्था को हाइकोर्ट की अवधारणा के अनुरूप लाने के लिए समिति काउंटर में माइक व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने पूजा अर्चना के लिए पुजारियों का रोस्टर तय करने की मांग की है।
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ज्ञापन देने वालों में शुभम भट्ट, हरीश चंद्र, तनुज भट्ट, हीरा बल्लभ, कमल भट्ट, हरिमोहन भट्ट, रमेश भट्ट आदि शामिल थे।
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ज्ञापन में बताया कि हाइकोर्ट ने जागेश्वर धाम में पूजा व्यवस्था और आय व्यय को पारदर्शी बनाने के लिए स्वत: संज्ञान लेकर जागेश्वर मंदिर प्रबंधन समिति का गठन करवाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली समिति के कार्यकाल में खासतौर पर पूजा काउंटर में काफी भ्रष्टाचार हुआ। मिलीभगत के कारण कई पुजारी सीधे तौर पर आए नए भक्तों की पूजा कराने से वंचित रह जाते थे।
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बताया कि राज्यपाल की ओर से नई समिति के पदाधिकारियों का चयन कर लिया गया है। इसके बावजूद इसके काउंटर की स्थिति में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहे हैं।
पूजा व्यवस्था को हाइकोर्ट की अवधारणा के अनुरूप लाने के लिए समिति काउंटर में माइक व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने पूजा अर्चना के लिए पुजारियों का रोस्टर तय करने की मांग की है।
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ज्ञापन देने वालों में शुभम भट्ट, हरीश चंद्र, तनुज भट्ट, हीरा बल्लभ, कमल भट्ट, हरिमोहन भट्ट, रमेश भट्ट आदि शामिल थे।