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पर्यटन नगरी में लंगूरों ने मचाया आतंक
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। नगर में बंदरों और लंगूरों का आतंक कम होने का नाम नहीं ले रहा है। जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले तो बंदर ही सक्रिय थे, इस बीच लंगूर भी नगर में आ धमके हैं। जिसके चलते फड़ और रेहड़ी में फल अथवा सब्जियां बेचने वाले व्यापारी परेशान हैं। लंगूरों का झुंड धड़ल्ले से बाजार में उत्पात मचा रहा है।
मालूम हो कि रानीखेत में इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर चल रहा है। ऐसे में वन्य जीवों का आतंक नगर में बढ़ना किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का सबब बना हुआ है। पहले तो बंदरों के झुंड सक्रिय थे, लेकिन अब लंगूरों ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है।
भारी भरकम लंगूर दुकानों की छतों से इधर-उधर छलांग मारकर सब्जियों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुकानों के अंदर से सामान झपट ले जाते हैं। पर्यटन सीजन होने के कारण इन दिनों नगर में खासी चहल-पहल चल रही है। स्कूली बच्चों को लंगूरों से खासा भय है। इधर स्थानीय नागरिकों ने कैंट और प्रशासन से बंदरों और लंगूरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है। बता दें कि बंदर पूर्व में यहां कई लोगों को काट चुके हैं। दूसरी तरफ लावारिस कुत्तों की संख्या भी नगर में बढ़ती जा रही है।
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मालूम हो कि रानीखेत में इन दिनों पर्यटन सीजन चरम पर चल रहा है। ऐसे में वन्य जीवों का आतंक नगर में बढ़ना किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना का सबब बना हुआ है। पहले तो बंदरों के झुंड सक्रिय थे, लेकिन अब लंगूरों ने आतंक मचाना शुरू कर दिया है।
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भारी भरकम लंगूर दुकानों की छतों से इधर-उधर छलांग मारकर सब्जियों और फलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। दुकानों के अंदर से सामान झपट ले जाते हैं। पर्यटन सीजन होने के कारण इन दिनों नगर में खासी चहल-पहल चल रही है। स्कूली बच्चों को लंगूरों से खासा भय है। इधर स्थानीय नागरिकों ने कैंट और प्रशासन से बंदरों और लंगूरों के आतंक से निजात दिलाने की मांग उठाई है। बता दें कि बंदर पूर्व में यहां कई लोगों को काट चुके हैं। दूसरी तरफ लावारिस कुत्तों की संख्या भी नगर में बढ़ती जा रही है।
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