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Almora News: 108 ने छोड़ा साथ, किराये की टैक्सी ने बढ़ाया हाथ

Mon, 14 Jul 2025 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा Updated Mon, 14 Jul 2025 11:51 PM IST
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108 left us, hired taxis extended a helping hand
स्याल्दे (अल्मोड़ा)। जिले में एक ओर स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावे हो रहे हैं। वहीं धरातल पर दावे बेअसर साबित हो रहे हैं। स्याल्दे ब्लॉक के सराईखेत में महीनों से ठप पड़ी 108 एंबुलेंस सेवा इसका प्रमाण है। ऐसे में गंभीर मरीजों और गर्भवतियाें को तीमारदार टैक्सियों के सहारे अस्पताल पहुंचाने को मजबूर हैं।
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स्याल्दे के सराईखेत में टाइप-1 स्वास्थ्य केंद्र में काफी संख्या में ग्रामीण उपचार के लिए पहुंचते हैं। यहां से हायर सेंटर रेफर करने पर गंंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस की सुविधा नहीं हैं। ऐसे में यहां से 80 किमी दूर रामनगर और करीब 120 किमी हल्द्वानी पहुंचने के लिए मरीजों के लिए टैक्सी ही एक मात्र सहारा है।
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गांव में भी किसी के बीमार होने और गर्भवतियों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाने का टैक्सी ही एक मात्र जरिया है। एंबुलेंस सुविधा नहीं होने से 25 से अधिक गांवों की करीब सात हजार की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इससे आक्रोशित क्षेत्र के लोगों ने अब आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं।
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बोले ग्रामीण
- एंबुलेंस पहले एक महीने से ज्यादा समय तक खराब खड़ी रही। मरम्मत के लिए भेजने के बाद अब तक नहीं आई। यदि जल्द सेवा बहाल नहीं हुई तो चुनाव के बाद आंदोलन किया जाएगा। - शिवराज सिंह तड़ियाल, अध्यक्ष, व्यापार मंडल सराईखेत।
- यहां 108 सेवा सिर्फ नाम की है। सारे मरीजों को टैक्सी से अस्पताल लाया जाता है, जब सरकार के पास इसका कोई इलाज नही है तो ऐसी सेवा को बंद कर देनी चाहिए। - रमेश रावत, ग्रामीण।
- एंबुलेंस वाहन काफी पुराना है जो कभी भी धोखा दे सकता है। लोगों की मांग है जल्द नई एंबुलेंस की व्यवस्था होनी चाहिए। ताकि मरीजों को समय पर उपचार के लिए अस्पताल लाया जा सके। - विजय सिंह, ग्रामीण

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- 108 सेवा का संचालन विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। हम केवल मरीजों को रिसीव करते हैं। एंबुलेंस के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होती है। - एसके विश्वास, प्रभारी सीएचसी, देघाट।
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