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अब जल जनित बीमारियां बरपा सकती हैं कहर
पौड़ी/ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jun 2013 04:07 PM IST
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पौड़ी शहर समेत गढ़वाल के विभिन्न नगरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अब जल जनित बीमारियां कहर बरपा सकती हैं। वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण इन क्षेत्रों में अलकनंदा नदी से ही पानी की आपूर्ति की जा रही है।
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जबकि केदारघाटी में आई दैवी आपदा के कारण इन दिनों इस नदी का पानी काफी दूषित बना हुआ है। जो आम लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।
पंप काम करना बंद कर देते हैं
गढ़वाल में रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, पौड़ी शहरी क्षेत्रों, हिंडोलाखाल क्षेत्र के 350 गांवों, भरपूर पट्टी के 74 गांवों व कई अन्य जगहों में अलकनंदा नदी से पानी की आपूर्ति की जाती है। बरसात में हर साल अलकनंदा नदी का पानी काफी गंदा हो जाता है। पानी में रेत, बजरी इत्यादि बढ़ने पंप काम करने बंद कर देते हैं। इससे दूषित पानी की आपूर्ति होती है।
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केदार घाटी में आई आपदा के चलते इस बार स्थितियां और खराब बनी हुई हैं। दैवी आपदा से बड़ी संख्या में जानवरों और लोगों के शव नदी में पड़े हुए थे।
हालांकि जल संस्थान पानी को फिल्टर करने के साथ-साथ उसमें ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन डालकर आपूर्ति करने का दावा कर रहा है। इसके साथ-साथ लोगों को पानी फिल्टर करते हुए उबालकर पीने की सलाह भी दे रहा है। इससे साफ है जो लोग सीधे नलों से पानी पी रहे हैं वे डायरिया, पीलिया समेत विभिन्न बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं।
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सुपर क्लोरिनेशन करने के निर्देश
जल संस्थान के महाप्रबंधक पीसी किमोठी का कहना है कि केदारघाटी में आई आपदा की स्थिति को देखते हुए अलकनंदा नदी से जो योजनाएं संचालित हो रही हैं उनमें सुपर क्लोरिनेशन करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी जगहों क्लोरीन के लिक्विड भी भेजे गए हैं।
केदार घाटी में आयी आपदा के कारण अलकनंदा नदी में पानी प्रदूषित होना स्वाभाविक है। जल संस्थान को पानी को फिल्टर करने के साथ-साथ उसमें ब्लीचिंग और क्लोरीन डालकर आपूर्ति करनी चाहिए। लोगों को पानी को उबालकर पीना चाहिए।
- डा. एके सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी पौड़ी
बरसात के कारण अलकनंदा नदी के पानी में सिल्ट काफी आ रही है। पंप समय-समय पर खराब हो जा रहे हैं। नदी की स्थिति को देखते हुए पानी को फिल्टर कर, उसमें ब्लीचिंग कर आपूर्ति की जा रही है।
- आरके रोहेला, अधिशासी अभियंता जल संस्थान पौड़ी