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आधी रात तक करते रहे विकास, 43 करोड़ खर्च
भीमताल/ब्यूरो
Updated Mon, 01 Apr 2013 05:23 PM IST
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जिले की नौकरशाही भी कमाल है। साल भर भले ही विकास कार्यों में रुपया खर्च करने में कंजूसी हो लेकिन वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन अफसरों ने आधी रात तक विकास कार्य कर बजट लैप्स होने से बचा लिया।
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विकास भवन के अधिकांश दफ्तरों में रविवार होने के बावजूद देर रात तक बजट खपाने का काम चलता रहा। कागजों में किए गए इन विकास कार्यों में अफसरों ने राज्य योजना और जिला योजना से बचे करीब 43 करोड़ रुपये खपा दिए।
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शासन ने नैनीताल के लिए जिला योजना में 52 करोड़ 65 लाख के कुल परिव्यय के सापेक्ष मार्च के दूसरे पखवाड़े तक 33 करोड़ 64 लाख रुपये अवमुक्त किए थे। हाल के दिनों तक 20 करोड़ 57 लाख रुपये ही खर्च हो पाए थे। जबकि करीब 13 करोड़ रुपये वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन 31 मार्च की आधी रात तक कागजों में खर्च किए गए।
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इसी तरह राज्य योजना में 101 करोड़ 93 लाख के सापेक्ष जिले में 15 मार्च तक 70 करोड़ ही खर्च हुए थे जबकि शेष एक पखवाड़े में 30 करोड़ रुपये और खर्च होने थे जो कि अभी तक खर्च नहीं हुए थे। यह रकम भी 31 मार्च आते आते खर्च दिखा दी गई है।
सूत्रों की मानें तो केंद्र पोषित योजना के तहत मिले 103 करोड़ 47 लाख में से हाल के दिनों तक केवल 76 करोड़ 74 लाख रूपये तथा बाह्य सहायतित में 13 करोड़ में से 9 करोड़ रूपये ही खर्च हुए थे। इन मदों में शेष बची रकम भी 31 मार्च की आधी रात से पहले खर्च कर दी गई।
इस वित्तीय वर्ष के सरकारी बजट को इसी वर्ष में खपाने के लिए रविवार को भी विकास भवन और शिक्षा भवन के दफ्तर खुले रहे और दिन भर कामकाज होता रहा। इधर तमाम जिला स्तरीय अधिकारी दोपहर बाद नैनीताल स्थित कोषागार को रवाना हो गए।
अधिकांश विभागों ने शासन से स्वीकृत धनराशि का शत प्रतिशत सदुपयोग कर लिया है। ऐसी स्थिति में किसी भी विभाग की धनराशि के लैप्स होने जैसी स्थिति नहीं है।
- अमित पुनेठा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी नैनीताल