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खेल विभाग ने तैयार किया 2018 के राष्ट्रीय खेलों का रोड मैप
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Mon, 21 Mar 2016 12:11 PM IST
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- फोटो : file photo
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उत्तराखंड खेल विभाग ने 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों के लिए रोड मैप तैयार कर लिया है। अब तक ढुलमुल रवैया अपनाने वाली एसोसिएशनों पर भी खेल विभाग ने नकेल कसनी शुरू कर दी है।
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अब तक एकला चलो की रणनीति पर चल रहीं एसोसिएशनों को अब खेल विभाग के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा। खेल विभाग ने सभी खेल एसोसिएशनों को एक्टिव रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, प्रत्येक एसोसिएशन एक चीफ कोच की व्यवस्था कर उनके नाम विभाग को भेजे, ताकि विभाग इन कोचों से सीधे खिलाड़ियों की प्रोग्रेस रिपोर्ट ले सके।
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खेल विभाग की योजना ग्रास रूट से खिलाड़ियों को फलक तक पहुंचाने की है। सर्किट हाउस में 2018 में होने वाले राष्ट्रीय खेलों की तैयारियों को लेकर शनिवार को संयुक्त सचिव (खेल) प्रशांत आर्या, उत्तराखंड पारंपरिक खेल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष धीरेंद्र चौहान, उपनिदेशक धर्मेंद्र भट्ट ने कुमाऊं मंडल के सभी छह जिलों के जिला खेल अधिकारियों की बैठक ली।
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बैठक में उप निदेशक धर्मेंद्र भट्ट ने कहा कि विभाग ने नेशनल गेम्स के लिए रोड मैप तैयार कर लिया है। विभाग की योजना खिलाड़ियों को ग्रास रूट से तैयार करने की है। उन्होंने कहा कि खेल विभाग मार्च और अप्रैल में प्रत्येक जिले में टैलेंट हंट का आयोजन करेगा। इसमें हर खेल के प्रतिभाशाली बच्चों को चुनकर लाया जाएगा।
इसके बाद मई और जून में इन बच्चों को 15 से 20 दिन का कैंप लगाया जाएगा। जिसे कोर ग्रुप नाम दिया गया है। इसके बाद जुलाई में सभी बच्चों का दोबारा कैंप लगाया जाएगा। अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में प्रत्येक एसोसिएशन राज्य स्तरीय खेलों का आयोजन करेगी। नवंबर, दिसंबर और जनवरी में इन बच्चों को नेशनल में खेलने का मौका दिया जाएगा। फरवरी में इन बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। इसी तरह 2017 में चार या पांच बार कैंपों का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने सभी खेल एसोसिएशनों को 15 दिन के अंदर चीफ कोच और प्रतियोगिता के लिए स्थान का चयन कर खेल विभाग को भेजने के निर्देश दिए हैं। संयुक्त सचिव प्रशांत आर्या ने कहा कि इस वर्ष राज्य में सभी स्टेडियम और बहुद्देशीय हॉल बनकर तैयार हो जाएंगे। ट्रेनिंग कैंप चल रहे हैं। 2018 में हमें बेहतर प्रदर्शन करना है। उन्होंने कहा कि अभी तक केवल सात एसोसिएशन ही एक्टिव हैं, जबकि राज्य में 36 एसोसिएशन हैं। ऐसे में इन सभी को एक्टिव होना होगा।
इस मौके पर सहायक निदेशक खेल अख्तर अली, कुमाऊं विवि के क्रीडाधिकारी नागेंद्र शर्मा, उत्तराखंड ओलंपिक संघ के महासचिव मुखर्जी निर्वाण, हाकी इंडिया के संयुक्त सचिव किशोर बाफिला, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा समेत चंपावत, पिथौरागढ़, नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर, चंपावत के डीएसओ समेत खेल एसोसिएशन के पदाधिकारी और खेल विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
उत्तराखंड से खेले इंडिया के टॉप खिलाड़ी
बागेश्वर के डीएसओ संजीव कुमार पौरी ने बैठक में सुझाव दिया कि नेशनल गेम्स में उत्तराखंड के ऐसे खिलाड़ी जो वर्तमान में
दूसरे राज्यों या विभागों से खेल रहे हैं, उन्हें उत्तराखंड से खेलने के लिए बुलाया जाए। इस पर उप निदेशक धर्मेंद्र आर्या ने कहा
कि इस संबंध में बातचीत चल रही है। जल्द ही विभाग इस बारे में निर्णय लेगा। इसी तरह इंटरनेशनल और नेशनल में मेडल
जीतने वाले खिलाड़ियों के उत्तराखंड में क्लास-2 और क्लास-3 की नौकरी दी जा रही है।