अबकी काशी में दिखेगा ग्रस्तोदित खंड सूर्य ग्रहण
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ग्रस्तोदित खंड सूर्य ग्रहण काशी में 30 मिनट का होगा। चूंकि यह ग्रहण पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में लग रहा है, इसलिए इस नक्षत्र में जिन जातकों का जन्म हुआ हो, उन्हें ग्रहण न देखने की सलाह ज्योतिषियों ने दी है। ग्रहण सूर्योदय के साथ ही सुबह 6:17 बजे दिखेगा। मोक्ष 6:47 बजे होगा। सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल आरंभ हो जाएगा। ऐसे में आठ मार्च की शाम छह बजे से ही सूतक काल आरंभ होने के साथ ही काशी विश्वनाथ मंदिर, संकट मोचन मंदिर, मानस मंदिर और दुर्गाकुंड के अलावा अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन पूजन स्थगित कर दिया जाएगा।
इस दौरान मंदिर में प्रवेश, मूर्ति स्पर्श, भोजन करना, यात्रा पर निकलना और स्त्री के साथ रहना वर्जित रहेगा। महावीर पंचांग के संपादक डॉ. रामेश्वर नाथ ओझा के मुताबिक उस दिन पूर्वा भाद्रपद में कुंभ राशि पर जब सूर्य रहेंगे, तब ग्रहण लगेगा। ऐसे में इस राशिवालों को सावधानियां बरतनी होंगी। कुंभ राशि वाले जातक ग्रहण काल में घर से बाहर न निकलें और ग्रहण न देखें तो प्रतिकूल प्रभाव से बच सकते हैं। बालक, वृद्ध और रोगी ग्रहण काल में अल्पाहार ले सकते हैं लेकिन सूतक काल से पहले दूध, दही, घी और भोजन सामग्री में कुश रख देना चाहिए। गर्भवती महिलाएं पेट पर गाय के गोबर का लेप लगा सकती हैं।