प्रदेश की इकाइयों का विद्युत उत्पादन लुढ़का
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हालात को नियंत्रित करने के लिए जिला मुख्यालय समेत सूबे के कई हिस्सों में डेढ़ से सवा दो घंटे तक आपात कटौती की गई। पारेषण लाइन में दिक्कत के चलते कई परियोजनाओं में 502 मेगावाट की थर्मल बैकिंग करनी पड़ी। राज्य सरकार की सबसे बड़ी 1630 मेगावाट वाली अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट वाली एक इकाई पहले से अनुरक्षण पर है। इसके चलते इन दिनों यहां का उत्पादन तेरह से चौदह सौ मेगावाट के इर्दगिर्द बना हुआ है।
रविवार को थर्मल बैकिंग के चलते यहां उत्पादन घटकर 1050 मेगावाट पर आ गया। वहीं 210 मेगावाट वाली पनकी बिजली परियोजना का उत्पादन शून्य बना रहा। पांच सौ मेगावाट औसत उत्पादन वाले हरदुआगंज में इस दिन 181 और आठ सौ से 11 सौ मेगावाट औसत उत्पादन रखने वाले पारीछा बिजलीघर में 503 मेगावाट बिजली पैदा होती रही। इस तरह शाम तक राज्य सेक्टर की परियोजनाओं का कुल उत्पादन 2173 मेगावाट के आसपास बना रहा।
इस वजह से जिला मुख्यालय पर सवा दो घंटे तो अन्य हिस्सों में डेढ़ से दो घंटे की आपात कटौती कराई गई। अनपरा परियोजना में 350 मेगावाट तक की थर्मल बैकिंग भी कराई गई। सीजीएम त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि शक्ति भवन से मिले निर्देश के क्रम में उत्पादन घटाया गया। हरदुआगंज, पनकी और पारीछा में थर्मल बैकिंग होती रही। बारिश के कारण ट्रंासमिशन लाइनों की खराबी से थर्मल बैकिंग करनी पड़ी।