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शंटिग कराते समय मालगाड़ी का ब्रेकवान हुआ बेपटरी
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Mon, 07 Mar 2016 11:48 PM IST
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रोजा लखनऊ रेलमार्ग पर कहिलिया रेलवे स्टेशन पर शटिंग करते समय मालगाड़ी का ब्रेकवान डिरेल हो गया। इससे करीब आधे घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा है। इस मामले में गार्ड की लापरवाही के संकेत मिले हैं। रेलवे की संयुक्त कमेटी दुर्घटना कारणों की जांच कर रही है।
रोजा के चालक रमेश कुमार गार्ड राजाबाबू के साथ सोमवार की सुबह करीब सवा नौ बजे डाउन एफयूटी मालगाड़ी लेकर लखनऊ के लिये रवाना हुए थे। रोजा से एक स्टेशन आगे कहिलिया रेलवे स्टेशन पहुंचने पर इस मालगाड़ी को सीतापुर होते हुए गोंडा जाने का मैसेज कंट्रोल ने दिया।
रेलवे सूत्र बताते हैं कि कहिलिया रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी को रोजा के लिए अप लाइन से वापस लाया जाना था इसलिये पर मालगाड़ी को अपयार्ड की लाइन संख्या चार में लिया गया, जहां से गार्ड के ब्रेकवान को शटिंग के द्वारा आगे पीछे किया जाना था।
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चालक रमेश ने रेल अधिकारियों को बताया कि ब्रेकवान को पीछे लगाते समय गार्ड के पास वाकीटाकी नहीं थी, जिस कारण मोबाइल के द्वारा ही शटिंग का संचालन किया जा रहा था। टाइमिंग सेट न हो पाने के कारण चालक और गार्ड के बीच संपर्क नहीं हो पाया था।
अप मेल लाइन से चार लाइन के टर्निंग प्वाइंट को देखे बिना चालक को चलने के संकेत दे दिये गये जैसे ही चालक चार लाइन के लिये चला प्वाइंट न बने होने के कारण ब्रेकवान डिरेल हो गया।
रोजा से एआरटी दल भेजा गया, जहां करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ब्रेकवान को पटरी लाया जा सका है। इस पूरे मामले में रेलवे के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन संयुक्त कमेटी की जांच में पहली नजर मे मालगाड़ी का गार्ड दोषी पाया जा रहा है जांच अभी जारी है।
ब्लाक सेक्सन में शटिंग कराने की जिम्मेदारी गार्ड की होती थी, जिसके पास रेल प्रशासन ने वाकीटाकी नहीं दी थी जो संरक्षा नियमों की अनदेखी है। मोबाइल के द्वारा चलने के संकेत मिले थे एसएम, गार्ड के बीच वार्ता पूरी नहीं हो सकी थी, जो डिरेलमेंट होने का कारण हो सकती है।
रमेश कुमार द्वितीय,चालक
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रोजा के चालक रमेश कुमार गार्ड राजाबाबू के साथ सोमवार की सुबह करीब सवा नौ बजे डाउन एफयूटी मालगाड़ी लेकर लखनऊ के लिये रवाना हुए थे। रोजा से एक स्टेशन आगे कहिलिया रेलवे स्टेशन पहुंचने पर इस मालगाड़ी को सीतापुर होते हुए गोंडा जाने का मैसेज कंट्रोल ने दिया।
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रेलवे सूत्र बताते हैं कि कहिलिया रेलवे स्टेशन से मालगाड़ी को रोजा के लिए अप लाइन से वापस लाया जाना था इसलिये पर मालगाड़ी को अपयार्ड की लाइन संख्या चार में लिया गया, जहां से गार्ड के ब्रेकवान को शटिंग के द्वारा आगे पीछे किया जाना था।
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चालक रमेश ने रेल अधिकारियों को बताया कि ब्रेकवान को पीछे लगाते समय गार्ड के पास वाकीटाकी नहीं थी, जिस कारण मोबाइल के द्वारा ही शटिंग का संचालन किया जा रहा था। टाइमिंग सेट न हो पाने के कारण चालक और गार्ड के बीच संपर्क नहीं हो पाया था।
अप मेल लाइन से चार लाइन के टर्निंग प्वाइंट को देखे बिना चालक को चलने के संकेत दे दिये गये जैसे ही चालक चार लाइन के लिये चला प्वाइंट न बने होने के कारण ब्रेकवान डिरेल हो गया।
रोजा से एआरटी दल भेजा गया, जहां करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद ब्रेकवान को पटरी लाया जा सका है। इस पूरे मामले में रेलवे के अधिकारी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं, लेकिन संयुक्त कमेटी की जांच में पहली नजर मे मालगाड़ी का गार्ड दोषी पाया जा रहा है जांच अभी जारी है।
ब्लाक सेक्सन में शटिंग कराने की जिम्मेदारी गार्ड की होती थी, जिसके पास रेल प्रशासन ने वाकीटाकी नहीं दी थी जो संरक्षा नियमों की अनदेखी है। मोबाइल के द्वारा चलने के संकेत मिले थे एसएम, गार्ड के बीच वार्ता पूरी नहीं हो सकी थी, जो डिरेलमेंट होने का कारण हो सकती है।
रमेश कुमार द्वितीय,चालक