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नहीं बदली सांसदों के आदर्श गांव की सूरत
Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो\अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो\अमर उजाला, सहारनपुर
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 16 Apr 2020 06:55 PM IST
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खुशहालीपुर में गांव के बीच सड़क पर जमा कीचड़ और गंदगी।
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लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसदों से एक गांव गोद लेने का आह्वान किया। करीब डेढ़ साल पहले सहारनपुर सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने बेहट का खुशहालीपुर और कैराना सांसद हुकुम सिंह ने गंगोह के सुखेड़ी को गोद लिया। कई महीनों की मशक्कत के बाद वहां विकास कार्य शुरू हुए। मगर, एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी गांवों की हालत में सुधार नहीं हुआ है।
मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कागजी प्लान ज्यादा तैयार हुए। नतीजा यह है कि गांवों में शौचालय बनाए गए, मगर बेहद ही घटिया सामग्री के चलते वे किसी काम के नहीं है। ज्यादातर शौचालयों से पानी की निकासी की समस्या है। ऐसे में उनकी उपयोगिता ही नहीं है।
साफ-सफाई और सड़कों पर कोई काम नहीं हुआ। बैंक, स्कूल और पेयजल की सुविधाओं के लिए भी अब कोई प्रयास नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह है कि सांसद अपने गोद लिए गांवों को भी भूल गए हैं। प्रस्तुत है दोनों सांसदों के आदर्श गांव की हालिया रिपोर्ट:
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खुशहालीपुर लाइव: भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा द्वारा गोद लिए गए गांव खुशहालीपुर में सुंदरपुर-शाकंभरी देवी सड़क मार्ग से गांव तक आने वाला एक किमी लंबा मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल पड़ा है। गहरे गड्ढे और इस पर उड़ती धूल यहां आने वाले का स्वागत करती है।
जरा सी बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है। गांव के बीचों बीच कई जगहों पर कीचड़ और गंदे पानी के जमा होने से राह गुजरना भी मुश्किल है। गांव में एक उपस्वास्थ्य केंद्र है, वह प्राय: बंद पड़ा रहता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 15 किमी दूर फतेहपुर भादो जाना पड़ता है। पूरे गांव में जर्जर बिजली तारों का जाल फैला है। इनसे हर वक्त हादसों का डर बना रहता है। ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपंपों का पानी खराब हो चुका है।
सांसद द्वारा गोद लिए जाने के बाद अब तक दो बार यहां का भ्रमण किया है। गांव में उनके द्वारा 32 सोलर लाइटें और सात सीसी सड़कों का निर्माण कराया है। कुछ शौचालय बना दिए गए है और कुछ पर कार्य चल रहा है, लेकिन इनकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है।
मूलभूत सुविधाओं के नाम पर कागजी प्लान ज्यादा तैयार हुए। नतीजा यह है कि गांवों में शौचालय बनाए गए, मगर बेहद ही घटिया सामग्री के चलते वे किसी काम के नहीं है। ज्यादातर शौचालयों से पानी की निकासी की समस्या है। ऐसे में उनकी उपयोगिता ही नहीं है।
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साफ-सफाई और सड़कों पर कोई काम नहीं हुआ। बैंक, स्कूल और पेयजल की सुविधाओं के लिए भी अब कोई प्रयास नहीं हुआ। सबसे बड़ी बात यह है कि सांसद अपने गोद लिए गांवों को भी भूल गए हैं। प्रस्तुत है दोनों सांसदों के आदर्श गांव की हालिया रिपोर्ट:
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खुशहालीपुर लाइव: भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा द्वारा गोद लिए गए गांव खुशहालीपुर में सुंदरपुर-शाकंभरी देवी सड़क मार्ग से गांव तक आने वाला एक किमी लंबा मुख्य संपर्क मार्ग बदहाल पड़ा है। गहरे गड्ढे और इस पर उड़ती धूल यहां आने वाले का स्वागत करती है।
जरा सी बारिश के बाद इन गड्ढों में पानी भर जाता है। गांव के बीचों बीच कई जगहों पर कीचड़ और गंदे पानी के जमा होने से राह गुजरना भी मुश्किल है। गांव में एक उपस्वास्थ्य केंद्र है, वह प्राय: बंद पड़ा रहता है। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 15 किमी दूर फतेहपुर भादो जाना पड़ता है। पूरे गांव में जर्जर बिजली तारों का जाल फैला है। इनसे हर वक्त हादसों का डर बना रहता है। ज्यादातर इंडिया मार्का हैंडपंपों का पानी खराब हो चुका है।
सांसद द्वारा गोद लिए जाने के बाद अब तक दो बार यहां का भ्रमण किया है। गांव में उनके द्वारा 32 सोलर लाइटें और सात सीसी सड़कों का निर्माण कराया है। कुछ शौचालय बना दिए गए है और कुछ पर कार्य चल रहा है, लेकिन इनकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं है।