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आंधी से गेहूं व सरसों की फसल धराशायी

Mon, 07 Mar 2016 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली
अमर उजाला ब्यूरो/ रायबरेली Updated Mon, 07 Mar 2016 12:14 AM IST
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Wheat and mustard crops flattened by the storm
रायबरेली में शनिवार रात आंधी और बारिश से धराशायी हुई गेहूं की फसल।
मौसम की मार ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार रात बूंदाबांदी और आंधी के कारण गेहूं, सरसों की फसल धराशायी हो गई। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। आम के पेड़ में लगे बौर भी गिर गए।
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शनिवार रात अचानक में मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में बदली छा गई। देखते ही देखते आंधी शुरू हो गई। आंधी के साथ ही बूंदाबांदी भी हुई। आंधी चलने के कारण खेतों में खड़ी गेहूं और सरसों की फसलें जमीन पर गिर गई।
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खासकर गेहूं की फसल तो जमीन में बिछ सी गई। पकी सरसों की फसल गिरने से दाने जमीन में गिर गए। राही, अमावां, डलमऊ, ऊंचाहार खीरों आदि ब्लॉक क्षेत्रों में किसानों की गेहूं, सरसों की फसलें धराशायी हो गई।
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गनीमत रही कि बूंदाबांदी हुई। यदि बारिश हो जाती तो आलू को भी नुकसान होता है, क्योंकि किसान अभी आलू खोद नहीं पाए हैं। पानी खेत में भरने के कारण उन्हें नुकसान उठाना पड़ता। रविवार को भी मौसम का मिजाज ठीक नहीं रहा।

बूंदाबांदी के साथ आसमान में बदली छाई रही। मौसस इसी तरह खराब रहा तो जिले के तीन लाख 85 हजार किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। राही क्षेत्र के किसान राम प्रताप, रामसजीवन और डलमऊ क्षेत्र के किसान जग्गीलाल, ओम प्रकाश कहते हैं कि पिछले साल रबी की फसल बर्बाद हो गई थी।

इस बार भी मौसम की मार पड़ने लगी है। गेहूं, सरसों की फसल जमीन में गिर गई है। खासकर गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। गेहूं के फसल अभी ठीक से पकी भी नहीं थी। जो गेहूं की फसल गिर गई, उससे उत्पादन कम होना तय है।

जिला कृषि अधिकारी सतीश पांडेय ने कहा कि आंधी व बारिश से कितना नुकसान हुआ है, इसका सर्र्वे कराया जाएगा। हालांकि बूंदाबांदी से फसलों को फायदा हुआ है। आंधी के कारण जरूर नुकसान हुआ है।

कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर के वैज्ञानिक डॉ. आरके कनौजिया ने बताया कि बूंदाबांदी और आंधी के कारण सरसों, गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है। यदि बूंदाबांदी होती तो फसल पर इसका कोई फर्क न पड़ता।


चूंकि तेज आंधी चली, जिससे फसल जमीन पर गिर गई। किसानों को चाहिए कि गेहूं की सिंचाई के दौरान खेत में पानी कम भरें, ताकि आंधी चले तो फसल कम गिरे। यदि ज्यादा पानी भरा गया तो पूरी गेहूं की फसल जमीन में गिर जाएगी। इससे उन्हें और नुकसान उठाना पड़ेगा।
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