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कोरोना से बाघों को बचाने में जुटा टाइगर रिजर्व प्रशासन
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पीलीभीत। अमेरिका के एक चिडिय़ाघर के बाघ में कोरोना संक्रमण मिलने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एनटीसीए द्वारा जारी गाइडलाइन के मुताबिक कार्य करना शुरू कर दिया। बाकायदा एक टीम का गठन किया है जो जंगल में लगे कैमरों के जरिए बाघों की सेहत की निगरानी करेगी।
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एनटीसीए ने तीन दिन पहले बाघों में कोविड-19 से बचाव को गाइडलाइन जारी की है। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कैमरों के माध्यम से बाघों की सेहत पर नजर रखने की निर्णय लिया है। इसको लेकर एक टीम का गठन किया गया है। दो पशु चिकित्सक समेत नौ सदस्यीय यह टीम मॉनीटरिंग को लगाए गए कैमरों में उनकी तस्वीर कैद होने के बाद इसकी बारीकी से जांच करेगी। यदि किसी बाघ के कोरोना संक्रमण जैसे लक्षण पाए जाएंगे तो संबंधित वन्यजीव की सघन मॉनीटरिंग की जाएगी।
इस बीच यदि किसी वन्यजीव की मृत्यु होती है तो उसका पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक पीपीई किट पहनकर करेंगे। इसके अलावा सभी अधिकारियों एवं वनकर्मियों को मॉस्क और ग्लब्स पहनकर जगल में जाने के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि एनटीसीए की गाइडलाइन के मुताबिक की तैयारी की गई हैं। बाघों की सघन मानीटरिंग की जा रही है। वनकर्मियों को मास्क और ग्लब्स का प्रयोग करने को निर्देशित किया गया है यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी में कोरोना जैसे लक्षण पाए जाते हैं तो उसकी भी तत्काल जांच कराई जाएगी।
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