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धान के बजाय पापुलर, यूकेलिप्टस लगाएं
ब्यूरो/अमर उजाला, पीलीभीत
Updated Sat, 12 Mar 2016 11:36 PM IST
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अधिक पानी चाहने वाली फसलों पर अंकुश लगाने को डास्प की ओर से चल रही क्रॉप डायवर्सिफिकेशन योजना के तहत गोष्ठी का आयोजन कर किसानों को जानकारी दी गई। किसानों से धान के बजाय पापुलर एवं यूकेलिप्टस लगाने की अपील की गई।
मरौरी ब्लाक के गांव पिपरिया भजा में हुई गोष्ठी में डास्प के जिला समन्वयक डॉ. विवेकानंद ने ने बताया कि जल संरक्षण के लिए शासन धान का क्षेत्रफल कम करने को प्रयासरत है। इसके लिए क्रॉप डायवर्सिफिकेशन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत धान की खेती छोड़कर किसान यूकेलिप्टस एवं पापुलर लगा सकते हैं। विभाग पौध एवं अन्य सुविधाएं दे रहा है। उन्होंने विभाग की ओर से अनुदान पर दिए जा रहे कृषि यंत्रों, पंपसेट, रूटावेटर, चारा मशीन आदि के बारे में भी बताया। कृषि वैज्ञानिकों ने भी कृषि वानिकी पर विस्तार से जानकारी देकर लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा किसानों को कामधेनु योजना की जानकारी देकर पशुपालन अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की गई।
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मरौरी ब्लाक के गांव पिपरिया भजा में हुई गोष्ठी में डास्प के जिला समन्वयक डॉ. विवेकानंद ने ने बताया कि जल संरक्षण के लिए शासन धान का क्षेत्रफल कम करने को प्रयासरत है। इसके लिए क्रॉप डायवर्सिफिकेशन योजना चलाई जा रही है। इसके तहत धान की खेती छोड़कर किसान यूकेलिप्टस एवं पापुलर लगा सकते हैं। विभाग पौध एवं अन्य सुविधाएं दे रहा है। उन्होंने विभाग की ओर से अनुदान पर दिए जा रहे कृषि यंत्रों, पंपसेट, रूटावेटर, चारा मशीन आदि के बारे में भी बताया। कृषि वैज्ञानिकों ने भी कृषि वानिकी पर विस्तार से जानकारी देकर लोगों को इसके लिए प्रोत्साहित किया। इसके अलावा किसानों को कामधेनु योजना की जानकारी देकर पशुपालन अपनाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की गई।
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