फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Samajwadi party government Another scam open in co oprative socitey recruitment

सपा सरकार में भर्तियों का एक और घोटाला

Thu, 14 Dec 2017 03:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मुरादाबाद।
अमर उजाला ब्यूरो/मुरादाबाद। Updated Thu, 14 Dec 2017 03:17 AM IST
विज्ञापन
Samajwadi party government Another scam open in co oprative socitey recruitment
govt job logo
सपा सरकार के समय में हुईं भर्तियों में एक और घोटाला सामने आया है। जिला सहकारी बैंक में हुईं अनियमितताओं की प्रारंभिक जांच में तत्कालीन सचिव को दोषी पाया गया है। चतुर्थ श्रेणी के 32 कर्मचारियों में से 11 अभ्यर्थी एटा, मैनपुरी, इटावा के होने की पुष्टि हुई है, जिनकी भर्ती सपा सरकार के दबाव में की गई। 
विज्ञापन


बैंक शाखाओं में लगने वाले कंप्यूटरों की अधिक कीमत दर्शाई गई है। प्रारंभिक स्टाक होने के बावजूद लाखों की स्टेशनरी खरीद ली गई। बैंक नुकसान में गया, लेकिन अनियमित ढंग से लाभ दिखाया गया। अब शासन ने संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता को जांच सौंप कर एक महीने में रिपोर्ट मांगी है। 
विज्ञापन


जिला सहकारी बैंक लि. मुरादाबाद के तत्कालीन सचिव एसके शर्मा के खिलाफ कई बिंदुओं पर शिकायत की गई। आरोपों की जांच सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता दीपक सिंह ने की। जांच में पता चला कि 2015 में बैंक के स्तर से चतुर्थ श्रेणी के 32 कर्मचारियों की भर्ती की गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में पता चला कि नियुक्ति पत्र में 11 अभ्यर्थियों के जनपद एटा, मैनपुरी और इटावा हैं, जिससे स्पष्ट है कि सरकार के दबाव में उक्त भर्तियां की गई हैं। इसी प्रकार कंप्यूटर खरीद में बैंक को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। बैंकों की शाखाओं में जनरेटर किराये पर लगवाने की निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव मिला है। 

जांच में पता चला कि वर्ष 2016-2017 के संतुलन पत्र के अनुसार बैंक को लाभ दिखाया है, लेकिन दो वर्षों की देय ब्याज की प्रविष्टि में अनियमितता की गई, जिससे लाभ-हानि खाता प्रभावित हुआ। अनियमित ढंग से लाभ दिखाया गया। 

वर्ष 2013-14 में 43.63 लाख का प्रारंभिक स्टाक होने के बावजूद 72.15 लाख की स्टेशनरी खरीदी गई, लेकिन 76.18 लाख रुपये की स्टेशनरी का उपयोग हुआ। वर्ष 2014-15 में 39.60 लाख रुपये की स्टेशनरी का स्टाक होने के बावजूद 117.62 लाख की स्टेशनरी खरीदी गई, लेकिन 32.79 लाख की स्टेशनरी प्रयुक्त हुई। 

124.43 लाख की स्टेशनरी अप्रयुक्त रही, जिसका उपयोग 2015-16 में नहीं किया गया। इस मामले में 28 नवंबर को प्रशासनिक कमेटी की बैठक हुई, जिसमें एसके शर्मा के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू कराने का निर्णय लिया गया है। 


संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता मुरादाबाद मंडल विनोद कुमार ने बताया कि जिला सहकारी बैंक लि. मुरादाबाद के तत्कालीन सचिव/मुख्य कार्यपालक एसके शर्मा के खिलाफ हुई शिकायतों की जांच में आरोपों की पुष्टि हुई है। इस मामले में अनुशासनात्मक कार्यवाही चल रही है। चार्जशीट के लिए टीम का गठन किया गया है। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed