मेरठ में नकली कॉस्मेटिक फैक्ट्री पकड़ी
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एफडीए के ड्रग्स इंस्पेक्टर संदीप चौधरी, लवकुश प्रसाद और बुलंदशहर के डीआई नरेश मोहन दीपक ने मेडिकल पुलिस के साथ शनिवार को जागृति विहार सेक्टर-दो में ललित मोगा पुत्र जगमोहन मोगा के घर पर छापा मारा। जहां से टीम ने 100 किग्रा केमिकल समेत कच्चा माल, 70 कि ग्रा फेस क्रीम और 50 किलो तैयार माल बरामद किया। टीम ने मौके से कॉस्मेटिक आइटम बनाने वाली प्रतिष्ठित कंपनियों के भारी संख्या में रेपर बरामद किए गए। मौके से ललित को हिरासत में लेते हुए मेडिकल थाना पुलिस को सौंप दिया गया।
संदीप चौधरी ने बताया कि घर में ही कॉस्मेटिक आइटम बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी, लेकिन इसका न तो कोई रजिस्ट्रेशन मिला और न ही कोई अन्य कागजात संचालक दिखा पाया। फैक्ट्री पूरी तरह से अवैध रूप से चलाई जा रही थी।
मौके से मिले सामान को कब्जे में लेते हुए सात सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। जिसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मेडिकल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान टीम को बताया कि वह तीन माह से यह धंधा चला रहा था। केमिकल, सामान और कंपनियों के रेपर को दिल्ली से लाकर बनाता था। जिसमें उसने कई कारीगर भी अपने साथ लगा रखे थे। मौके से बरामद किए गए माल की कीमत करीब 3 लाख रुपये के आसपास की बताई गई है।
थोक व्यापारी की थी पहचान
एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ ने बताया कि ललित ने जागृति विहार, शास्त्रीनगर और आसपास की कालोनियों में थोक व्यापारी के नाम से पहचान बना रखी थी। लोगों को यही पता था कि यह दिल्ली से माल लाकर मेरठ में सप्लाई करता है, लेकिन इस तरह नकली आइटम बनाने का पता नहीं था।
5 रुपये का केमिकल, 50 रुपये की क्रीम
एफडीए के अफसरों ने बताया कि पांच रुपये के केमिकल से तैयार की गई क्रीम को 50 रुपये की कीमत में प्रतिष्ठित कंपनी का रेपर लगाकर सप्लाई किया जा रहा था। जबकि कई अन्य आइटम तो इससे भी ज्यादा महंगे दामों पर बेचे जा रहे थे। यह आइटम ज्यादातर ब्यूटी पार्लरों और बारबर शॉप पर प्रयोग किए जाते थे। जिस पर कोई शक नहीं होता था। ऐसे प्रोडक्ट्स शास्त्रीनगर, जागृति विहार, गढ़ रोड, मवाना रोड के कई गांवों, लालकुर्ती और शहर के अन्य इलाकों में सप्लाई होते थे।