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बोरपा की प्राची का भारतीय तीरंदाजी टीम में चयन
अमर उजाला ब्यूरो मथ्ाुरा
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:05 PM IST
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बोरपा की प्राची का भारतीय तीरंदाजी टीम में चयन
- फोटो : अमर उजाला
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गोवर्धन के गांव बोरपा के गरीब किसान की बेटी प्राची सिंह का तीरंदाजी के एशिया कप के लिए भारतीय टीम में चयन हुआ है। ये प्रतियोगिता 20 से 26 मार्च तक बैंकाक में होगी। बेटी की कामयाबी पर परिवारीजन फूले नहीं समा रहे हैं।
गांव बोरपा के ऊधम सिंह (हाल निवासी भरतपुर) खेती करके परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उनके पास तीन बीघा जमीन है। उनकी बेटी प्राची सिंह बचपन से ही तीरंदाजी में दिलचस्पी रखती है। आर्थिक स्थिति ठीक न होते हुए भी ऊधम सिंह ने अपनी बेटी को चोटीपुरा के गुरुकुल में तीरंदाजी के अभ्यास के लिए भेज दिया।
बेटी की प्रतिभा निखरने लगी। वर्ष 2013 में राजस्थान की ओर से खेलते हुए प्राची ने नेशनल अवार्ड जीता। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार नेशनल स्वर्ण जीतने के बाद सितंबर 2015 में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
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प्राची वर्तमान में जमशेदपुर टाटा आर्चर एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहीं हैं। घर में मां वीरवती को भी बेटी की सफलता पर गर्व है।
साहूकार से कर्ज लेकर दिलाया धनुष
पिता ऊधम सिंह ने बताया वो गांव बोरपा में खेती करते हैं। घर में पांच सदस्य हैं इसमें से प्राची और उसके दोनों भाई तीरंदाजी के खिलाड़ी हैं। पिता ने बताया कि धनुष की कीमत 10,000 से लेकर तीन लाख तक है। बेटी की जरूरत को ध्यान में रखकर साहूकार से कर्ज लेकर धनुष दिलाया है।
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गांव बोरपा के ऊधम सिंह (हाल निवासी भरतपुर) खेती करके परिवार का पालन पोषण कर रहे हैं। उनके पास तीन बीघा जमीन है। उनकी बेटी प्राची सिंह बचपन से ही तीरंदाजी में दिलचस्पी रखती है। आर्थिक स्थिति ठीक न होते हुए भी ऊधम सिंह ने अपनी बेटी को चोटीपुरा के गुरुकुल में तीरंदाजी के अभ्यास के लिए भेज दिया।
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बेटी की प्रतिभा निखरने लगी। वर्ष 2013 में राजस्थान की ओर से खेलते हुए प्राची ने नेशनल अवार्ड जीता। इसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। लगातार नेशनल स्वर्ण जीतने के बाद सितंबर 2015 में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया।
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प्राची वर्तमान में जमशेदपुर टाटा आर्चर एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहीं हैं। घर में मां वीरवती को भी बेटी की सफलता पर गर्व है।
साहूकार से कर्ज लेकर दिलाया धनुष
पिता ऊधम सिंह ने बताया वो गांव बोरपा में खेती करते हैं। घर में पांच सदस्य हैं इसमें से प्राची और उसके दोनों भाई तीरंदाजी के खिलाड़ी हैं। पिता ने बताया कि धनुष की कीमत 10,000 से लेकर तीन लाख तक है। बेटी की जरूरत को ध्यान में रखकर साहूकार से कर्ज लेकर धनुष दिलाया है।