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‘पदुम एनकाउंटर मामले की सीबाआई जांच हो’
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 14 Mar 2016 11:19 PM IST
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सीबीअाई
- फोटो : amar ujala
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पीड़ित मां ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर लगाई गुहार
कोर्ट के आदेश पर मैगलगंज थाने के तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव और सपा विधायक सुनील कुमार लाला सहित 15 लोगों के खिलाफ दर्ज हुए हत्या के मामले में लीपापोती का आरोप लगाते हुए सीबीआई या सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की गई है।
मैगलगंज के श्रीपालपुर गांव में हुए पदुम एनकाउंटर मामले में मृतक की मां गंगाजली ने पुलिस और सपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। सोमवार को गंगाजली ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मौजूदा जांच अधिकारी सीओ मोहम्मदी की विश्वनीयता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है और न ही तत्कालीन एसओ के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है, जो मौजूदा समय में हैदराबाद थाने के एसओ भी हैं।
बता दें कि तत्कालीन मैगलगंज एसओ विश्वनाथ यादव ने 29 जून 2014 को श्रीपालपुर गांव में एनकाउंटर के दौरान पदुम पासी को मार गिराने का दावा किया था, जिस पर लूट के कई मामले दर्ज थे। मृतक की मां गंगाजली ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सपा विधायक सुनील कुमार लाला के इशारे पर पुलिस के हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम कोर्ट ने पांच मई 2015 को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस मामले को कई महीने तक दबाए रही और फिर 20 जनवरी 2016 को धारा 147, 148, 149, 302, 506, 379 आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच पहले मितौली सीओ को दी गई, फिर सीओ मोहम्मदी को जांच दी गई। इस मामले में सत्तारूढ़ दल के सपा विधायक और मौजूदा हैदराबाद थाने के एसओ के प्रमुख आरोपी होने के चलते जांच में लीपापोती की आशंका जताते हुए मृतक की मां गंगाजली ने सोमवार को डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर सीबीआई या सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की। इस पत्र में घटना वाले दिन आरोपियों के सरकारी और प्राइवेट नंबरों की कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग उठाई है। साथ ही आरोप लगाए हैं कि मुकदमा वापस लेने के लिए उसे और परिवार को जानमाल की धमकी दी जा रही हैं।
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कोर्ट के आदेश पर मैगलगंज थाने के तत्कालीन एसओ विश्वनाथ यादव और सपा विधायक सुनील कुमार लाला सहित 15 लोगों के खिलाफ दर्ज हुए हत्या के मामले में लीपापोती का आरोप लगाते हुए सीबीआई या सीबीसीआईडी से जांच कराने की मांग की गई है।
मैगलगंज के श्रीपालपुर गांव में हुए पदुम एनकाउंटर मामले में मृतक की मां गंगाजली ने पुलिस और सपा विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। सोमवार को गंगाजली ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर मौजूदा जांच अधिकारी सीओ मोहम्मदी की विश्वनीयता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है और न ही तत्कालीन एसओ के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है, जो मौजूदा समय में हैदराबाद थाने के एसओ भी हैं।
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बता दें कि तत्कालीन मैगलगंज एसओ विश्वनाथ यादव ने 29 जून 2014 को श्रीपालपुर गांव में एनकाउंटर के दौरान पदुम पासी को मार गिराने का दावा किया था, जिस पर लूट के कई मामले दर्ज थे। मृतक की मां गंगाजली ने एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सपा विधायक सुनील कुमार लाला के इशारे पर पुलिस के हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए कोर्ट की शरण ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीजेएम कोर्ट ने पांच मई 2015 को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद पुलिस मामले को कई महीने तक दबाए रही और फिर 20 जनवरी 2016 को धारा 147, 148, 149, 302, 506, 379 आईपीसी और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच पहले मितौली सीओ को दी गई, फिर सीओ मोहम्मदी को जांच दी गई। इस मामले में सत्तारूढ़ दल के सपा विधायक और मौजूदा हैदराबाद थाने के एसओ के प्रमुख आरोपी होने के चलते जांच में लीपापोती की आशंका जताते हुए मृतक की मां गंगाजली ने सोमवार को डीएम कार्यालय में प्रार्थना पत्र देकर सीबीआई या सीबीसीआईडी जांच कराने की मांग की। इस पत्र में घटना वाले दिन आरोपियों के सरकारी और प्राइवेट नंबरों की कॉल डिटेल की जांच कराने की मांग उठाई है। साथ ही आरोप लगाए हैं कि मुकदमा वापस लेने के लिए उसे और परिवार को जानमाल की धमकी दी जा रही हैं।
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