फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The deceased had debts

मृत व्यक्ति ने लिया कर्ज 

Mon, 14 Mar 2016 11:19 PM IST
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Mon, 14 Mar 2016 11:19 PM IST
विज्ञापन
पुत्र ने खेती की जमीन वरासत कराने के लिए खतौनी ली तो खुला मामला 
विज्ञापन

सात साल पहले जिस व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है, उस व्यक्ति ने जनवरी 2016 में बेहजम स्थित भूमि विकास बैंक पहुंचकर जमीन के कागजात पर 20 हजार रुपये का लोन ले लिया। इस बात का पता जब मृत व्यक्ति के पुत्र को पता चला तो उसके होश उड़ गए। इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद बैंक कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए हैं। 

नीमगांव क्षेत्र के गांव अजमतपुर निवासी रामभरोसे की वर्ष 2007 में मुत्यु हो गई थी। अजमतपुर में उनके खाता संख्या 321 की गाटा संख्या 486/0.522,495/0.898 की 1.4200 हेक्टेयर जमीन है। रामभरोसे की मृत्यु हो जाने के बाद उनके पुत्र संजय कुमार ने जमीन की वरासत कराने के लिए मितौली तहसील से जमीन की खतौनी हासिल की। वरासत की आगे की प्रक्रिया शुरू हो पाती इससे पहले संजय को पता चला कि जमीन पर बेहजम स्थित भूमि विकास बैंक का 20 हजार रुपये का कर्ज है। संजय के मुताबिक उसके पिता रामभरोसे की मृत्यु 10 जुलाई 2007 में ही हो गई थी, लेकिन खतौनी में उसके पिता को बैंक से 15 जनवरी को कर्ज दिया जाना दर्शाया गया है। संजय के लिए हैरानी की बात यह है कि पिता की मौत की तिथि और बैंक से कर्ज लिए जाने की तिथि में सात साल का अंतर होने की शिकायत जब उसने बैंक के कर्मचारियों से की तो शुरू में बैंक कर्मियों ने उसकी बात नहीं मानी और कर्ज चुकाने से बचने का तरीका बताया, लेकिन जब संजय ने नगर पालिका की ओर से जारी मृत्यु प्रमाण-पत्र और खतौनी की कॉपी दी तो बैंक कर्मियों ने जांच की बात कही। इस बाबत भूमि विकास बैंक बेहजम के प्रबंधक बलराज सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अजमतपुर गांव में ही रामभरोसे पुत्र इतवारी के नाम से दूसरा व्यक्ति है, जिसे कर्ज दिया गया है। इस संबंध में यहां से प्रपत्र मितौली तहसील भेज दिया था। जोकि एक नाम के दो व्यक्ति होने के कारण तहसील से रामभरोसे पुत्र भिखारी के गाटा संख्या में गलत तरीके से दर्ज हो गई। संजय की शिकायत के बाद कागजों में हुई गलतियों को सुधारा जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed