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किसानों के खेतों में हो रहा था अवैध बालू का खनन
कुशीनगर
Updated Tue, 08 Mar 2016 11:49 PM IST
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हनुमानगंज गांव के पास गंडक नदी से बालू खनन रोकने कि मांग को लेकर अपने सहयोगियों के साथ धरना पर बैठे क्षेत्रीय विधायक विजय दुबे से बात करते एसडीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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खड्डा। विधायक के अनशन के बाद हनुमानगंज गांव के पास गंडक नदी से हो रहे बालू खनन के गाटा संख्या की पैमाइश मंगलवार को हुई तो वर्षों से चल रही अवैध खनन की बात उजागर हो गई। जिस जगह खनन स्थल निकला है, वहां अब तक खनन न करके किसानों की जमीनों से बालू निकालकर उनको नुकसान पहुंचाया जाता रहा है।
विधायक का अनशन पैमाइश के बाद समाप्त हुआ। विधायक ने अब तक हुए अवैध खनन के लिए मुकदमा दर्ज करने एवं ठेकेदार से धन की रिकबरी की मांग करते हुए गलत पैमाइश करने वाले लोगों पर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
मंगलवार को राजस्व विभाग, सर्वे, खनन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से पैमाइश की गई। जिस जगह खनन स्थल का गाटा निकला, वहां पहले कभी भी खनन नहीं हुआ है। गंडक नदी के बीरभार ठोकर से मदनपुर तक बालू खनन के लिए घाट निर्धारित है।
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शासन ने लालजी निषाद को बचत अवधि के नौ माह तेईस दिन के लिए खनन आदेश दिया है। इसके बाद ठेकेदार ने दो अलग अलग स्थानों को चिह्नित कराकर खनन शुरू कर दिया। खड्डा के विधायक विजय दुबे ने एक सप्ताह पहले खनन स्थल गलत बताकर धरना दिया। राजस्व विभाग एवं सर्वे ने दो दिनों तक पैमाइश कर एक जगह चिह्नित कर दिया।
वहां से खनन शुरू हो गया। इसके बाद विधायक सोमवार को अनशन पर बैठ गए। मंगलवार को विधायक एवं एसडीएम के सामने पुन: पैमाइश हुई। इसमें एक जगह को चिह्नित किया गया तो विधायक सहित उपस्थित लोग भौचक रह गए।
इस जगह पर कभी खनन हुआ ही नही है। इस खेल मे विभागीय मिलीभगत के जरिए अपनी सुविधा अनुसार ठेकेदार घाट निर्धारित कराकर खनन करके करोड़ों रुपये का वारा न्यारा करते रहे हैं। विधायक ने सवाल उठाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है कि इसके पहले गलत जगह से बालू निकासी करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाय तथा जिन किसानों के खेतों से बालू निकाला गया, उनको मुआवजा दिया जाए।
साथ ही साथ इसके लिए गलत नापी करने वाले तथा जिम्मेदार खनन एवं राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। इस संबंध में एसडीएम अरुण कुमार राय ने कहा कि पहले किए गए खनन के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को मुआवजा भी देना संभव है। गलत मापी करने की भी जांच करके रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।
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विधायक का अनशन पैमाइश के बाद समाप्त हुआ। विधायक ने अब तक हुए अवैध खनन के लिए मुकदमा दर्ज करने एवं ठेकेदार से धन की रिकबरी की मांग करते हुए गलत पैमाइश करने वाले लोगों पर कानूनी कार्यवाही की मांग की है।
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मंगलवार को राजस्व विभाग, सर्वे, खनन विभाग की ओर से संयुक्त रूप से पैमाइश की गई। जिस जगह खनन स्थल का गाटा निकला, वहां पहले कभी भी खनन नहीं हुआ है। गंडक नदी के बीरभार ठोकर से मदनपुर तक बालू खनन के लिए घाट निर्धारित है।
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शासन ने लालजी निषाद को बचत अवधि के नौ माह तेईस दिन के लिए खनन आदेश दिया है। इसके बाद ठेकेदार ने दो अलग अलग स्थानों को चिह्नित कराकर खनन शुरू कर दिया। खड्डा के विधायक विजय दुबे ने एक सप्ताह पहले खनन स्थल गलत बताकर धरना दिया। राजस्व विभाग एवं सर्वे ने दो दिनों तक पैमाइश कर एक जगह चिह्नित कर दिया।
वहां से खनन शुरू हो गया। इसके बाद विधायक सोमवार को अनशन पर बैठ गए। मंगलवार को विधायक एवं एसडीएम के सामने पुन: पैमाइश हुई। इसमें एक जगह को चिह्नित किया गया तो विधायक सहित उपस्थित लोग भौचक रह गए।
इस जगह पर कभी खनन हुआ ही नही है। इस खेल मे विभागीय मिलीभगत के जरिए अपनी सुविधा अनुसार ठेकेदार घाट निर्धारित कराकर खनन करके करोड़ों रुपये का वारा न्यारा करते रहे हैं। विधायक ने सवाल उठाते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा है कि इसके पहले गलत जगह से बालू निकासी करने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाय तथा जिन किसानों के खेतों से बालू निकाला गया, उनको मुआवजा दिया जाए।
साथ ही साथ इसके लिए गलत नापी करने वाले तथा जिम्मेदार खनन एवं राजस्व कर्मचारियों पर कार्रवाई हो। इस संबंध में एसडीएम अरुण कुमार राय ने कहा कि पहले किए गए खनन के लिए जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को मुआवजा भी देना संभव है। गलत मापी करने की भी जांच करके रिपोर्ट डीएम को दी जाएगी।