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गड़बड़ियों से हजारों लोगों के राशन पर संकट
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 09 Mar 2016 11:50 PM IST
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हाथरस। खाद्य सुरक्षा कानून एक मार्च से लागू जरूर हो गया है, लेकिन योजना में राशन वितरण के लिए कार्डधारकों को जो पर्चियां दी जा रही हैं, उनमें गड़बड़ियों की भरमार है। पर्चियों में कई कार्डधारकों की तो जाति ही बदल दी गई है। सामान्य वर्ग वाले को पिछड़ा वर्ग में दर्शा दिया गया है, जबकि बीसी वालों को अनुसूचित जाति का दिखा दिया गया है।
यही नहीं राशन कार्डों में परिवार के दो सदस्यों के नाम हैं, बाकी सदस्यों के नाम गायब कर दिए गए हैं। इस हिसाब से जिन कार्डधारकों को छह यूनिट का सामान मिलना चाहिए, उन्हें सदस्यों की संख्या के हिसाब से आधा ही राशन मिल पा रहा है, जिससे उनके लिए परिवार की जरूरत को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। किसी की पर्ची में परिवार के सभी सदस्यों के नाम काट दिए गए हैं तो किसी के आधे सदस्यों के नाम गायब हैं। किसी पर्ची में फोटो गलत हैं। किसी पर्ची में सामान्य वर्ग के लोग ओबीसी तो ओबीसी वर्ग के लोगों को एससी दर्ज करा दिया गया है। इन कमियों को लेकर भी राशन कार्ड धारक परेशान हैं, लेकिन राशन डीलन इनका कोई समाधान नहीं कर पा रहे। यही नहीं कई कार्डधारकों की तो पर्चियां ही राशन डीलरों के पास नहीं पहुंची हैं। नतीजा, डीलरों के यहां सामान लेने पहुंच रहे कार्डधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है या फिर उनकी राशन डीलरों से कहासुनी हो रही है। मंगलवार को कांशीराम टाउनशिप के राशन डीलर के यहां भी ऐसी ही कमियों को लेकर काफी हंगामा हुआ था। उपभोक्ता डीलरों पर निर्धारित से कम मात्रा में गेहूं, चावल, चीनी और कैरोसिन बांटने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि डीलरों का कहना है कि जितनी यूनिट उनकी पर्चियों में दिखाई गई हैं, उस हिसाब से ही उन्हें राशन दिया जा रहा है।
राशन कार्डों में जो गलतियां नकल रही हैं, वह शुरुआत की फीडिंग में हुई गड़बड़ी की वजह से हैं। जिन लोगों के कार्डों में नाम, पते, बल्दियत और यूनिटों की गलतियां आ रही हैं, वह लोग परेशान नहीं हों। ग्रामीण क्षेत्र के लोग तहसील के आपूर्ति कार्यालय और नगरीय क्षेत्र के लोग कलेक्ट्रेट के डीएसओ कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इन गड़बड़ियों को दूर कराने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। ये हाथरस की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की समस्या है।
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-सुनील सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी हाथरस
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यही नहीं राशन कार्डों में परिवार के दो सदस्यों के नाम हैं, बाकी सदस्यों के नाम गायब कर दिए गए हैं। इस हिसाब से जिन कार्डधारकों को छह यूनिट का सामान मिलना चाहिए, उन्हें सदस्यों की संख्या के हिसाब से आधा ही राशन मिल पा रहा है, जिससे उनके लिए परिवार की जरूरत को पूरा करना मुश्किल हो रहा है। किसी की पर्ची में परिवार के सभी सदस्यों के नाम काट दिए गए हैं तो किसी के आधे सदस्यों के नाम गायब हैं। किसी पर्ची में फोटो गलत हैं। किसी पर्ची में सामान्य वर्ग के लोग ओबीसी तो ओबीसी वर्ग के लोगों को एससी दर्ज करा दिया गया है। इन कमियों को लेकर भी राशन कार्ड धारक परेशान हैं, लेकिन राशन डीलन इनका कोई समाधान नहीं कर पा रहे। यही नहीं कई कार्डधारकों की तो पर्चियां ही राशन डीलरों के पास नहीं पहुंची हैं। नतीजा, डीलरों के यहां सामान लेने पहुंच रहे कार्डधारकों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है या फिर उनकी राशन डीलरों से कहासुनी हो रही है। मंगलवार को कांशीराम टाउनशिप के राशन डीलर के यहां भी ऐसी ही कमियों को लेकर काफी हंगामा हुआ था। उपभोक्ता डीलरों पर निर्धारित से कम मात्रा में गेहूं, चावल, चीनी और कैरोसिन बांटने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि डीलरों का कहना है कि जितनी यूनिट उनकी पर्चियों में दिखाई गई हैं, उस हिसाब से ही उन्हें राशन दिया जा रहा है।
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राशन कार्डों में जो गलतियां नकल रही हैं, वह शुरुआत की फीडिंग में हुई गड़बड़ी की वजह से हैं। जिन लोगों के कार्डों में नाम, पते, बल्दियत और यूनिटों की गलतियां आ रही हैं, वह लोग परेशान नहीं हों। ग्रामीण क्षेत्र के लोग तहसील के आपूर्ति कार्यालय और नगरीय क्षेत्र के लोग कलेक्ट्रेट के डीएसओ कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। इन गड़बड़ियों को दूर कराने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। ये हाथरस की ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की समस्या है।
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-सुनील सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी हाथरस