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गंगा में बहे बालक का नहीं लगा पता
ब्यूरो/अमर उजाला, गढ़मुक्तेश्वर
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:58 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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परिजनों के साथ पितरों के तर्पण के लिए ब्रजघाट आया एक बालक गंगा के तेज बहाव में बह गया था। दूसरे दिन भी गोताखोर उसका पता नहीं लगा सकें हैं। इकलौते बेटे का पता न चलने पर परिजन गोताखोरों से गंगा में उसकी तलाश करा रहे हैं।
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हरियाणा के सोनीपत के गांव शेरशाह के रहने वाले देवेंद्र मान परिवार के साथ दिल्ली के पालम क्षेत्र में रहते हैं। वह व्यापारी हैं। मंगलवार को वे पत्नी सुमन, इकलौते बेटे गौरव (10), सास सुमंतरा, सलज हेमा और साले जयदीप के साथ ब्रजघाट तीर्थनगरी में आए थे।
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यहां फाल्गुन अमावस्या पर उन्हें दिवंगत पितरों के तर्पण का अनुष्ठान कराना था। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जयदीप अपने तीन वर्षीय बेटे और भांजे गौरव के साथ गंगा में स्नाना कर थे। इसी दौरान गंगा के तेज बहाव में गौरव बह गया। जयदीप ने उसे डूबता देख शोर मचाया लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण गोताखोर और नाविक पानी में नहीं कूदे।
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देखते ही देखते गौरव आंखों से ओझल हो गया। गौरव के माता-पिता को रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और गोताखोर गंगा में गौरव की तलाश कर रहे हैं। दूसरे दिन भी उसका पता नहीं चला।
जिद करने पर गौरव को लाए थे परिजन
गौरव दो बहनों का इकलौता भाई था। वह गुड़गांव के स्कूल में पढ़ता था। इकलौते बेटे को खोने की आशंका से परेशान मां सुमन और पिता देवेंद्र मान बुरी तरह टूट चुके हैं। उन्होंने बिलखते हुए बताया कि जब वे ब्रजघाट गंगा में दिवंगत परिजनों का तर्पण करने आ रहे थे तो गौरव को साथ लाने का कोई भी प्रोग्राम नहीं था। गौरव के जिद करने पर वे उसे साथ ले आए थे।