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घनिष्टा नक्षत्र में शिवरात्रि और फलदायी
ब्यूरो/अमर उजाला हमीरपुर
Updated Sat, 05 Mar 2016 11:43 PM IST
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श्ाल्लेश्वर मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
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इस बार महाशिवरात्रि पर्व घनिष्टा नक्षत्र में पड़ने से विशेष फलदायी है। ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि 7 मार्च (सोमवार) को शुभ मुहूर्त सुबह पांच से पूर्वाह्न 11 बजे तक रहेगा। इस समय पूजन का विशेष महत्व है।
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पंडित दिनेश दुबे ने बताया कि शिवरात्रि को भक्त 24 घंटे का व्रत रखते हैं। इस दिन प्रात:काल पवित्र नदी या जलाशय में स्नान कर जल, दुग्ध से भगवान शिव का अभिषेक करें। श्वेत या नीले पुष्प चढ़ाएं। धतूरे का फल व फूल, विल्व फल, शमी पत्र अर्पित करें। विल्व पत्र में ओम नम: शिवाय लिखकर पूजा करें। व्रत रखने वाले व्यक्ति मन क्रम वचन से संयमित रहें। इस तरह पूजन करने से उन्हें लाभ मिलेगा।
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नगर के प्राचीन पातालेश्वर मंदिर, चंदूपुर गांव के मतंगेश्वर मंदिर, अजौरी के बिहारेश्वर मंदिर, देवगांव में मानेेश्वर मंदिर, चांदपुर में गूढ़ेश्वर मंदिर, बेरी में कोटेेश्वर, राठ में चौपरेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि की तैयारियां की जा रही हैं। इन मंदिरों को झालरों से सजाया गया है।
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हमीरपुर मुख्यालय में यमुना पुल से उत्तर दिशा में कुछ ही दूरी पर शिव पार्वती का प्राचीनतम संगमेश्वर मंदिर यमुना नदी के तट पर स्थित है। इस मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिव-पार्वती की मूर्तियां एक साथ विराजमान हैं। पुरातत्वविदों के अनुसार यह मंदिर गुप्त कालीन वास्तुकला की अनमोल धरोहर है। महाशिवरात्रि पर्व पर कस्बा स्थित शल्लेश्वर मंदिर से शिव बारात निकाली जाएगी। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। बारात के स्वागत के लिए द्वार बनाए गए हैं।