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तीमारदार को डॉक्टरों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 12 Mar 2016 07:37 PM IST
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मेडिकल कॉलेज
लापरवाही से नवजात की मौत का आरोप लगाते हुए शिकायत करने पहुंचे तीमारदार को जूनियर डॉक्टरों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। यहां तक कि नाराज जूनियर डॉक्टरों ने गार्ड का डंडा छीनकर तीमारदार की पिटाई कर दी। वह किसी तरह से जान बचाकर भागा। घटना बीआरडी मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार रात साढ़े बारह बजे की है।
मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। आए दिन यहां तीमारदारों को जूनियर डॉक्टरों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है और कॉलेज प्रशासन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं करता। शुक्रवार की रात साढ़े बारह बजे गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती देवरिया जिले के एक नवजात की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि जब नवजात की तबीयत बिगड़ी तब उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया जिससे उसकी मौत हो गई। इससे नाराज पिता शिकायत करने सीनियर डॉक्टर के पास जाने लगे।
जैसे ही यह जानकारी जूनियर डॉक्टरों को मिली, वे भड़क गए। उन्होंने गार्ड का डंडा छीनकर तीमारदार को दौड़ा लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। किसी तरह से वह जान बचाकर अपने मृत बच्चे को लेकर वहां से भागा। बाद में सीनियर डॉक्टर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
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तीन महीने में पांचवां विवाद
यूं तो डॉक्टर-तीमारदार विवाद का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन इन दिनों इसकी संख्या बढ़ गई है। अगर 2016 के परिप्रेक्ष्य में देखें तो अभी तीन महीने भी नहीं बीते हैं और मंगलवार को तीसरा विवाद सामने आ गया।
10 जनवरी : विवाद तब हुआ जब महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर पर उसकी बेटी ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।
04 मार्च : मरीज ध्रुव कुमार सिंह के इलाज से संतुष्ट न होते हुए बेटी किरन ने एक जूनियर डॉक्टर को चप्पल दे मारी और तीमारदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
08 मार्च : बाल संस्थान के निर्माण के दौरान घायल लिफ्टमैन के इलाज को लेकर आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में हंगामा।
09 मार्च : प्लास्टर रूम में जूनियर डॉक्टरों ने ऊरूआ के विकलांग अजय त्रिपाठी को पीटा।
12 मार्च : 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने पर तीमारदार को डॉक्टरों ने पीटा।
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मेडिकल कॉलेज में तीमारदारों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। आए दिन यहां तीमारदारों को जूनियर डॉक्टरों के गुस्से का शिकार होना पड़ता है और कॉलेज प्रशासन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं करता। शुक्रवार की रात साढ़े बारह बजे गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती देवरिया जिले के एक नवजात की मौत हो गई। पिता का आरोप है कि जब नवजात की तबीयत बिगड़ी तब उसे देखने कोई डॉक्टर नहीं आया जिससे उसकी मौत हो गई। इससे नाराज पिता शिकायत करने सीनियर डॉक्टर के पास जाने लगे।
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जैसे ही यह जानकारी जूनियर डॉक्टरों को मिली, वे भड़क गए। उन्होंने गार्ड का डंडा छीनकर तीमारदार को दौड़ा लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इससे वहां अफरातफरी मच गई। किसी तरह से वह जान बचाकर अपने मृत बच्चे को लेकर वहां से भागा। बाद में सीनियर डॉक्टर पहुंचे और मामले को शांत कराया।
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तीन महीने में पांचवां विवाद
यूं तो डॉक्टर-तीमारदार विवाद का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है, लेकिन इन दिनों इसकी संख्या बढ़ गई है। अगर 2016 के परिप्रेक्ष्य में देखें तो अभी तीन महीने भी नहीं बीते हैं और मंगलवार को तीसरा विवाद सामने आ गया।
10 जनवरी : विवाद तब हुआ जब महिला की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर पर उसकी बेटी ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया।
04 मार्च : मरीज ध्रुव कुमार सिंह के इलाज से संतुष्ट न होते हुए बेटी किरन ने एक जूनियर डॉक्टर को चप्पल दे मारी और तीमारदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ।
08 मार्च : बाल संस्थान के निर्माण के दौरान घायल लिफ्टमैन के इलाज को लेकर आर्थोपेडिक विभाग की ओपीडी में हंगामा।
09 मार्च : प्लास्टर रूम में जूनियर डॉक्टरों ने ऊरूआ के विकलांग अजय त्रिपाठी को पीटा।
12 मार्च : 100 बेड वाले इंसेफेलाइटिस वार्ड में इलाज में लापरवाही का आरोप लगाने पर तीमारदार को डॉक्टरों ने पीटा।