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प्रबंधक और प्राचार्य सहित तीन पर केस
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Thu, 10 Mar 2016 12:56 AM IST
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परीक्षा से वंचित परीक्षार्थी चौरीचौरा थाने में कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे।
- फोटो : amar ujala
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प्रवेश पत्र नहीं मिलने से परीक्षा से वंचित बीकॉम प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने बुधवार को चौरीचौरा के जेबी महाजन महाविद्यालय के प्रबंधक, प्राचार्य और वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस जांच शुरू कर दी है।
ज्ञातव्य है कि यूनिवर्सिटी द्वारा बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा एक मार्च से शुरू की गई है। प्रवेश पत्र नहीं मिलने की वजह से 63 विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। इससे नाराज विद्यार्थियों ने तीन मार्च को महाविद्यालय में प्रदर्शन कर गेट पर ताला लगा दिया था। तब उन्हें प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। चार मार्च को भी प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था और एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। एसडीएम ने आश्वासन दिया था कि नौ मार्च से परीक्षा नहीं कराई गई तो महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। तब प्रबंधक ईश्वर चंद्र जायसवाल का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन से बातचीत चल रही है। परीक्षा हर हाल में कराई जाएगी।
बुधवार को सांख्यिकी की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को जब पता चला कि उनका प्रवेश पत्र नहीं आया तब वे आक्रोशित हो गए। अजय प्रताप सिंह, सत्य प्रकाश गौतम, सूर्य प्रकाश विश्वकर्मा, इमरान, अल्पा सिंह, रीतू सिंह, प्रियंका, गौतम ओझा, मंटू सिंह समेेेत अन्य विद्यार्थी चौरीचौरा थाने पर पहुंचे और महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्र संदीप गौड़ की तहरीर पर पुलिस ने प्रबंधक ईश्वर चंद जायसवाल, प्राचार्य कौशल्या और वरिष्ठ लिपिक अशोक कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि बीकॉम की मान्यता नहीं होने पर भी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से फॉर्म भरवाकर विद्यार्थियों से वसूली की गई और परीक्षा से वंचित रखा गया। थानेदार राधेश्याम राय का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस संबंध में प्रबंधक ईश्वर चंद्र जायसवाल का कहना है कि कुछ लोग महाविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर राजनीति भी की जा रही है। परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को फीस वापस कर दी गई है।
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ज्ञातव्य है कि यूनिवर्सिटी द्वारा बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा एक मार्च से शुरू की गई है। प्रवेश पत्र नहीं मिलने की वजह से 63 विद्यार्थी परीक्षा से वंचित हो गए। इससे नाराज विद्यार्थियों ने तीन मार्च को महाविद्यालय में प्रदर्शन कर गेट पर ताला लगा दिया था। तब उन्हें प्रवेश पत्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। चार मार्च को भी प्रवेश पत्र नहीं मिलने पर विद्यार्थियों ने हंगामा किया था और एसडीएम को प्रार्थनापत्र देकर महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। एसडीएम ने आश्वासन दिया था कि नौ मार्च से परीक्षा नहीं कराई गई तो महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। तब प्रबंधक ईश्वर चंद्र जायसवाल का कहना था कि यूनिवर्सिटी प्रशासन से बातचीत चल रही है। परीक्षा हर हाल में कराई जाएगी।
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बुधवार को सांख्यिकी की परीक्षा देने पहुंचे विद्यार्थियों को जब पता चला कि उनका प्रवेश पत्र नहीं आया तब वे आक्रोशित हो गए। अजय प्रताप सिंह, सत्य प्रकाश गौतम, सूर्य प्रकाश विश्वकर्मा, इमरान, अल्पा सिंह, रीतू सिंह, प्रियंका, गौतम ओझा, मंटू सिंह समेेेत अन्य विद्यार्थी चौरीचौरा थाने पर पहुंचे और महाविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
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बीकॉम प्रथम वर्ष के छात्र संदीप गौड़ की तहरीर पर पुलिस ने प्रबंधक ईश्वर चंद जायसवाल, प्राचार्य कौशल्या और वरिष्ठ लिपिक अशोक कुमार के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। तहरीर में आरोप लगाया गया कि बीकॉम की मान्यता नहीं होने पर भी महाविद्यालय प्रशासन द्वारा फर्जी तरीके से फॉर्म भरवाकर विद्यार्थियों से वसूली की गई और परीक्षा से वंचित रखा गया। थानेदार राधेश्याम राय का कहना है कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस संबंध में प्रबंधक ईश्वर चंद्र जायसवाल का कहना है कि कुछ लोग महाविद्यालय की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इसे लेकर राजनीति भी की जा रही है। परीक्षा से वंचित विद्यार्थियों को फीस वापस कर दी गई है।